चक्रधरपुर : दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल में रेल प्रशासन ने चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन से शहर में जाने वाली चार प्रमुख सड़कों पर गेट लगा दिया है, जिसे करीब एक माह से रात करीब 10 बजे से सुबह 5 बजे तक बंद कर दिया जाता था। चक्रधरपुर की एसडीओ श्रुति राजलक्ष्मी ने इन सड़कों को चौबीस घंटे खुला रखने का आदेश दिया है।
एसडीओ ने इस मुद्दे को लेकर आंदोलनरत जनता रेल आंदोलन समिति की मांग पर सोमवार को त्रिपक्षीय बैठक बुलाई थी, जिसमें रेलवे के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। इस दौरान एसडीओ ने रेलवे को निर्देश जारी करते हुए कहा कि कई दशक से जिस रास्ते से आम जनमानस आवागमन कर रहे हैं, उसे जबरन बंद नहीं किया जा सकता है। जिन सड़कों पर रेलवे ने गेट लगाए हैं, उसे 24 घंटे खुला रखना है।
दरअसल, चक्रधरपुर के डीआरएम तरुण हुरिया ने यह व्यवस्था लागू की थी। इसके तहत लाल गिरजा, भारत सेवाश्रम संघ, इतवारी बाजार और भारत भवन से स्टेशन तक जाने वाले रास्ते शामिल हैं। इसमें सिर्फ इतवारी बाजार वाले रास्ते को रात में आरपीएफ की निगरानी में खुला रखा जाता था। रेलवे हाईस्कूल की ओर से आने वाली सड़क को वाहनों के लिए दिन में भी बंद कर दिया गया था। इसी को लेकर आंदोलन चल रहा था।
डीआरएम के इस आदेश से चक्रधरपुर की जनता त्राहिमाम करने लगी थी। लोगों का स्टेशन से लेकर रेलवे अस्पताल तक जाना मुश्किल हो गया था। चक्रधरपुर रेल मंडल में ट्रेनों की लेटलतीफी को लेकर आंदोलन कर रही जनता रेल आंदोलन समिति ने सड़क के मुद्दे को ज्यादा गंभीर बताते हुए इसे प्राथमिकता के तौर पर सुलझाने की मांग एसडीओ से की थी। समिति के पदाधिकरियों ने एसडीओ से मुलाक़ात कर मांगपत्र भी सौंपा था। इस मांग पत्र को एसडीओ श्रुति राजलक्ष्मी ने गंभीरता से लिया और सोमवार को अपने कार्यालय में बैठक के लिए डीआरएम को भी तलब किया था। हालांकि, इस बैठक में डीआरएम नहीं पहुंचे। उन्होंने प्रतिनिधि के रूप में इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी राजीव कुमार, आरपीएफ थाना प्रभारी कमलेश सोरेन आदि को भेजा था।
बैठक में रेलवे के अधिकारी करीब 45 मिनट देर से पहुंचे, जबकि एसडीओ और जनता रेल आंदोलन के पदाधिकारी 11.30 बजे से रेल प्रतिनिधियों का इंतजार कर रहे थे।
रेल प्रशासन को मिली दो दिन की मोहलत
एसडीओ ने इस आदेश का पालन करने के लिए रेलवे को दो दिन का वक्त दिया है। इसके बाद भी रेलवे अगर आदेश को नहीं मानती है तो रेलवे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसडीओ के इस फैसले से पूरे चक्रधरपुर में जनता के बीच ख़ुशी की लहर दौड़ गई है। संगठन की रेलवे के खिलाफ यह पहली जीत है। बैठक में सीडीपीओ डॉ. सैयद मुस्तफा हाशमी, अंचल अधिकारी सुरेश कुमार सिन्हा सहित जनता रेल आंदोलन समिति के सदस्य उपस्थित थे।

