RANCHI : दक्षिण पूर्व रेलवे जोन के रांची रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा हादसा टल गया, जब आरपीएफ की लेडी कांस्टेबल सविता गारी ने अपनी सूझबूझ, तत्परता और बहादुरी का परिचय देते हुए एक महिला यात्री की जान बचा ली। यह घटना ऐसे समय हुई, जब पूरा देश मदर्स डे मनाने की तैयारी में था। लेडी कांस्टेबल की इस बहादुरी ने एक छोटे बच्चे को उसकी मां की गोद में सुरक्षित लौटाकर मानो मदर्स डे का सबसे बड़ा तोहफा दे दिया।
घटना 9 मई की है। रांची रेल मंडल के मंडल सुरक्षा आयुक्त पवन कुमार के निर्देश पर रेलवे स्टेशनों पर आरपीएफ जवान लगातार सतर्कता के साथ ड्यूटी निभा रहे थे। इसी दौरान रांची रेलवे स्टेशन पर ट्रेन संख्या 18611 रांची-बनारस एक्सप्रेस खुलने लगी। ट्रेन के रवाना होने के समय एक यात्री अपनी पत्नी और छोटे बच्चे के साथ जल्दबाजी में कोच में चढ़ने का प्रयास कर रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हड़बड़ी में ट्रेन पकड़ने के दौरान महिला यात्री का संतुलन अचानक बिगड़ गया। वह प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच गैप में गिर पड़ी और चलती ट्रेन के साथ घिसटने लगी। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों की सांसें थम गईं और कुछ पल के लिए अफरा-तफरी मच गई। इसी बीच ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ की लेडी कांस्टेबल सविता गारी ने बिना समय गंवाए तेजी से महिला को पकड़ लिया और पूरी मजबूती के साथ तब तक थामे रखा, जब तक ट्रेन को रोका नहीं गया। उनकी तत्परता और बहादुरी से महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना में महिला की जान बच गई और एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
इस साहसिक कार्य के बाद स्टेशन पर मौजूद लोगों ने महिला कांस्टेबल की जमकर सराहना की। रेलवे अधिकारियों ने भी उनकी सूझबूझ और कर्तव्यनिष्ठा की प्रशंसा की है। आरपीएफ द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन जीवनरक्षा के तहत यह एक और सफल उदाहरण माना जा रहा है, जिसने साबित किया कि सतर्कता और समय पर उठाया गया कदम किसी की जिंदगी बचा सकता है।

