Jamshedpur : जमशेदपुर में झारखंड क्षत्रिय युवा संघ के तत्वावधान में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी की 487वीं जयंती को “सौर्य दिवस” के रूप में अत्यंत भव्य और श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया। साकची मरीन ड्राइव गोलचक्कर स्थित महाराणा प्रताप चौक को भगवा ध्वजों और फूलों से आकर्षक रूप से सजाया गया, जिससे पूरा क्षेत्र उत्सवमय माहौल में बदल गया।सुबह 9:30 बजे पांच पुरोहितों के शंखनाद के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
इसके बाद संघ के पदाधिकारियों और गणमान्य अतिथियों ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर तिलक लगाकर माल्यार्पण किया।इस अवसर पर झारखंड क्षत्रिय संघ के अध्यक्ष शंभूनाथ सिंह, चंद्रगुप्त सिंह, शिवशंकर सिंह, मंजू सिंह और सचिव अमित सिंह सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में अनिरुद्ध त्रिपाठी, अभय सिंह, कुणाल सारंगी, संजीव सिन्हा, राजीव सिंह, मनोज सिंह, विनोद सिंह, कन्हैया सिंह, आशुतोष राय, भूपेंद्र सिंह, महाबीर मुर्मू, अजय गुप्ता सहित अनेक सामाजिक व राजनीतिक गणमान्य लोग शामिल हुए।
संघ की 27 इकाइयों ने क्रमवार महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, जिसमें महिला समिति का नेतृत्व मंजू सिंह और युवा संघ का नेतृत्व कुंवर प्रताप सिंह ने किया। संगोष्ठी में गूंजा महाराणा प्रताप का शौर्यकार्यक्रम के दूसरे चरण में संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षाविद और साहित्यकार अनिरुद्ध त्रिपाठी ने मुख्य वक्ता के रूप में महाराणा प्रताप के जीवन पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन राष्ट्रभक्ति, त्याग और संघर्ष का प्रतीक है, जिसे आज के युवाओं को आत्मसात करने की आवश्यकता है। उन्होंने महाराणा प्रताप के संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे जंगलों में रहकर भी मुगलों के सामने झुके नहीं और स्वतंत्रता के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करते रहे।इसके बाद शंभूनाथ सिंह, शिवशंकर सिंह, अभय सिंह और कुणाल सारंगी ने भी सभा को संबोधित किया। सेवा कार्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमजयंती के अवसर पर झारखंड क्षत्रिय युवा संघ द्वारा शहर के लगभग 15 स्थानों पर सेवा शिविर लगाए गए। इन शिविरों में गर्मी को देखते हुए शीतल पेय और खाद्य सामग्री का वितरण किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में भजन और देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति भी हुई, जिसमें सोनारी के गायक सोनू दुलरुवा और उनकी टीम ने शानदार प्रस्तुति देकर वातावरण को देशभक्ति से सराबोर कर दिया।कार्यक्रम का संचालन रवि सिंह और सुखदेव सिंह ने किया। आयोजन को सफल बनाने में अमित सिंह, दिनेश सिंह, कुमार प्रभाकर, जयंत विक्रम सिंह, अभिषेक सिंह, शशि सिंह, हेमंत सिंह सहित कई लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

