रांची : झारखंड में पेट्रोल-डीजल का अभाव एकबारगी भयावह संकट के रूप में सामने आ गया। राज्य के कई जिलों में पेट्रोल पंप सूख चुके हैं, जबकि जमशेदपुर जैसे बड़े शहर में 90 प्रतिशत पेट्रोल पंप ड्राई होने की खबर ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार को देर रात तक लोग पेट्रोल पंपों का चक्कर लगाते रहे। राजधानी रांची में भी हालात गंभीर दिखी, जहां 25 से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल खत्म हो चुका था। जो भी पेट्रोल पंप खुले थे, वहां वाहन चालक घंटों लाइन में लगकर तेल भरा रहे थे। कई पंपों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।
जमशेदपुर में 36 में से 32 पंप बंद
बताया जा रहा है कि जमशेदपुर शहर के 36 पेट्रोल पंपों में से 32 पंपों पर पेट्रोल-डीजल खत्म हो चुका है। शहर के कई प्रमुख इलाकों में पंपों पर नो स्टॉक के बोर्ड लगा दिए गए हैं, जबकि पंपों की लाइट बुझा दी गई थी, ताकि वहां भीड़ न लगे। जिन पंपों पर थोड़ा बहुत तेल बचा था, वहां बाइक चालकों को 200 रुपये और कार चालकों को 500 रुपये तक का ही पेट्रोल दिया जा रहा था।
गुरुवार को लोग सुबह चार बजे से ही पेट्रोल पंपों पर लाइन लगाकर खड़े दिखाई दिए। कई जगहों पर पुलिस को व्यवस्था संभालनी पड़ी। अचानक बढ़ी भीड़ के कारण शहर में ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति भी देखने को मिली।
रांची, धनबाद और चाईबासा में भी बिगड़े हालात
राजधानी रांची में 241 में से 25 पेट्रोल पंप बंद बताए जा रहे हैं। धनबाद में 27 और चाईबासा में 10 पंपों पर तेल खत्म हो चुका है। वहीं सरायकेला, रामगढ़, बोकारो और हजारीबाग जैसे जिलों में भी स्थिति तेजी से खराब हो रही है। ग्रामीण इलाकों में लोग डीजल के लिए भटक रहे हैं, जिससे खेती और ट्रांसपोर्ट पर असर पड़ने लगा है।
आखिर क्यों आया यह संकट
जानकारी के अनुसार पेट्रोलियम कंपनियों और ट्रांसपोर्टरों के बीच विवाद के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है। कई टैंकर समय पर डिपो से नहीं निकल पाए, जिससे राज्य के विभिन्न जिलों में सप्लाई चेन टूट गई। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि अगर जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले 24 घंटे में हालात और विस्फोटक हो सकते हैं।
लोगों में बढ़ रही चिंता
तेल संकट की खबर फैलते ही लोगों में चिंता बढ़ गई है। कई लोग जरूरत से ज्यादा पेट्रोल भरा रहे हैं, जिससे उपलब्ध स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है। सोशल मीडिया पर पंपों की लंबी लाइनें और बंद पंपों के वीडियो वायरल हो रहे हैं। लोग सरकार और तेल कंपनियों से तत्काल समाधान की मांग कर रहे हैं।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट और स्कूलों पर असर
डीजल संकट का असर अब बसों, ट्रकों और स्कूल वाहनों पर भी दिखने लगा है। कई निजी स्कूलों ने अभिभावकों को अलर्ट जारी किया है कि अगर स्थिति नहीं सुधरी, तो बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि डीजल नहीं मिलने से माल ढुलाई रुकने लगी है, जिससे बाजार में महंगाई बढ़ सकती है।
प्रशासन ने क्या कहा- धैर्य रखें
जिला प्रशासन और पेट्रोलियम कंपनियों ने दावा किया है कि हालात पर नजर रखी जा रही है और जल्द सप्लाई सामान्य करने की कोशिश हो रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर अतिरिक्त तेल की खरीदारी न करें।

