Jamshedpur : जमशेदपुर और पूर्वी सिंहभूम के हाता, हल्दीपोखर समेत आसपास के इलाकों में इन दिनों पेट्रोल और डीजल का गंभीर संकट देखने को मिल रहा है। कई पेट्रोल पंपों पर “नो-स्टॉक” का बोर्ड लगाए जाने से वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है। लोग जरूरी कामों के लिए ईंधन की तलाश में एक पंप से दूसरे पंप तक भटकते नजर आ रहे हैं।
शहर के साकची, मानगो, डिमना, सिदगोड़ा, बिष्टुपुर और पटमदा समेत कई इलाकों के पेट्रोल पंपों पर सुबह से लंबी कतारें लगी रहीं। जहां भी पेट्रोल मिलने की सूचना मिली, वहां बाइक और चारपहिया वाहन चालकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कई लोगों को घंटों इंतजार के बाद भी बिना ईंधन लिए वापस लौटना पड़ा।
कई पंपों पर सीमित मात्रा में दिया जा रहा तेल
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कुछ पेट्रोल पंप संचालकों ने सीमित मात्रा में पेट्रोल और डीजल देना शुरू कर दिया है। कहीं ₹100 तक का पेट्रोल दिया जा रहा है, तो कहीं प्रति वाहन अधिकतम ₹3000 तक की सीमा तय की गई है। पंप संचालकों का कहना है कि सीमित स्टॉक होने के कारण सभी ग्राहकों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है।
बताया जा रहा है कि तेल कंपनियों की अनियमित आपूर्ति और अचानक बढ़ी मांग के कारण यह संकट गहराया है। ईंधन खत्म होने की खबर फैलते ही लोगों ने जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवाना शुरू कर दिया, जिससे हालात और बिगड़ गए।
परिवहन व्यवस्था पर पड़ रहा डीजल की कमी का असर
डीजल की कमी का असर अब परिवहन व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। ऑटो चालक, बस संचालक और मालवाहक वाहन मालिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई प्रभावित हो सकती है। वहीं होटल, छोटे उद्योग और जनरेटर पर निर्भर व्यवसायियों ने भी चिंता जताई है।
हालात पर नजर रखे हुए है प्रशासन
इस बीच कई संस्थाओं ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने तेल कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर जल्द ईंधन आपूर्ति सामान्य कराने की अपील की। साथ ही उन्होंने शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों का दौरा कर स्थिति का जायजा भी लिया।
हालांकि प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन नई खेप पहुंचने के बाद अगले एक-दो दिनों में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि वह हालत पर नजर रखे हुए हैं।
डिपो पर तेल टैंकर भरने में दिक्कत
पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि तेल गोदाम के डिपो में तेल टैंकर खड़े हुए हैं। कई टैंकरों को अंदर नहीं जाने दिया गया। डिपो से ही तेल मिलाने में दिक्कत हो रही है। इसी वजह से पेट्रोल और डीजल की सप्लाई कम हो गई है।

