
रांची : झारखंड में ग्रामीण विकास योजनाओं के संचालन और प्रखंड स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था को गति देने के लिए ग्रामीण विकास विभाग ने बड़ा वित्तीय आवंटन जारी किया है। विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सभी जिलों के उप विकास आयुक्तों को 202.75 करोड़ रुपये (20,275.20 लाख रुपये) की राशि जारी कर दी है। यह राशि प्रखंडों के स्थापना व्यय, योजना, वेतन और अन्य प्रशासनिक मदों में खर्च की जाएगी।
ग्रामीण विकास विभाग के सचिव मनोज कुमार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि आवंटित राशि का उपयोग पूरी तरह वित्तीय नियमों के अनुरूप होगा। निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सबसे पहले न्यायालय के आदेशों से संबंधित देयताओं का भुगतान किया जाए और उसके बाद चालू वित्तीय वर्ष के स्वीकृत स्थापना खर्चों का नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाए। 15 नवंबर 2000 से पहले के किसी भी बकाया वेतन का भुगतान इस राशि से नहीं किया जाएगा।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवंटित राशि से अधिक खर्च किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। स्वीकृत पदों के विरुद्ध कार्यरत कर्मियों को ही भुगतान किया जाएगा और किसी भी तरह की अनियमित निकासी या अधिक व्यय की पूरी जिम्मेदारी संबंधित निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी की होगी।
साथ ही, सभी कार्यालयों को प्रत्येक माह की 10 तारीख तक व्यय विवरणी महालेखाकार, वित्त विभाग और विभागीय बजट शाखा को भेजने का निर्देश दिया गया है।
यदि किसी कार्यालय को अतिरिक्त राशि की आवश्यकता होगी, तो उसे उपयोगिता प्रमाणपत्र और ठोस औचित्य के साथ प्रस्ताव भेजना होगा। वहीं, जरूरत से अधिक आवंटित राशि तत्काल विभाग को लौटानी होगी। विभाग ने वित्त विभाग के हालिया दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं।

