RANCHI: रांची में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सिविल सर्जन कार्यालय में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) और हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम की प्रगति को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। सिविल सर्जन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिले के करीब 100 निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, आईवीएफ सेंटर और आई अस्पतालों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में सिविल सर्जन ने निजी स्वास्थ्य संस्थानों को स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल मोड में लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में ‘स्कैन एंड शेयर’ सुविधा को बढ़ावा दिया जाए, ताकि मरीजों को पंजीकरण और परामर्श के दौरान लंबी कतारों से राहत मिल सके। इसके अलावा अस्पतालों में भर्ती मरीजों के रिकॉर्ड को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने और डॉक्टरों द्वारा केवल ई-प्रिस्क्रिप्शन जारी करने पर जोर दिया गया।
बैठक में राज्य मुख्यालय से पहुंचीं रश्मि नान्दे ने आंकड़ों के जरिए जिले के निजी अस्पतालों में एबीडीएम और एचएमआईएस की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डिजिटल तकनीक अपनाने से अस्पतालों की कार्यक्षमता और मरीजों को मिलने वाली सेवाओं में सुधार संभव है। इस दौरान जिला डेटा प्रबंधक ने तकनीकी जानकारियां साझा कीं और डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन की प्रक्रिया समझाई। वहीं, कई सॉफ्टवेयर वेंडर्स ने अपने डिजिटल हेल्थ सिस्टम का डेमो प्रस्तुत किया और अस्पतालों को डेटा सुरक्षा व डिजिटल प्रबंधन के लाभों से अवगत कराया। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों के संचालक भी मौजूद रहे।

