RANCHI: रांची एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने जा रही है। मोरहाबादी स्थित बिरसा मुंडा एथलेटिक्स स्टेडियम में 22 से 25 मई तक 29वीं राष्ट्रीय सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता का आयोजन होगा। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के निर्देश पर झारखंड एथलेटिक्स संघ, खेल विभाग और राज्य सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर के करीब 700 खिलाड़ी और 150 तकनीकी पदाधिकारी भाग लेंगे।
इस चार दिवसीय प्रतियोगिता को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में साउथ एशियन एथलेटिक्स फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. ललित भनोट, मधुकांत पाठक, अंतरराष्ट्रीय एथलीट तेजस्विन शंकर, अनिमेष कुजूर और जय कुमार मौजूद रहे। आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता में कई ओलंपियन, एशियन गेम्स पदक विजेता और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। यह प्रतियोगिता केवल राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा नहीं होगी, बल्कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (ग्लासगो) और एशियन अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 (जापान) के लिए भारतीय टीम चयन का भी प्रमुख आधार बनेगी।
डॉ. ललित भनोट ने बताया कि रांची में होने वाली यह प्रतियोगिता कई मायनों में ऐतिहासिक होगी। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड एथलेटिक्स के दिशा-निर्देशों के तहत पहली बार भारत में जीन टेस्टिंग से जुड़ी नई व्यवस्था लागू की जा रही है। डीएसडी नियमों के तहत निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है। भविष्य में डीएनए टेस्टिंग लागू करने की भी योजना है। इसके तहत नेशनल और इंटरनेशनल इवेंट में भाग लेने से पहले टेस्ट कराना अनिवार्य होगा।
इवेंट के दौरान डोपिंग विजिलेंस की टीम भी तैनात रहेगी। नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी की 12 सदस्य टीम भी पहुंच चुकी है। यह टीम जगह-जगह पर तैनात रहेगी जो इवेंट में पार्टिसिपेट करने वाले खिलाड़ियों पर नजर रखेगी। रोकने भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
अंतरराष्ट्रीय एथलीट तेजस्विन शंकर ने कहा कि राष्ट्रीय चैंपियनशिप खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का सबसे बड़ा मंच होती है। वहीं अनिमेष कुजूर और जय कुमार ने इसे युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक अवसर बताया। आयोजन समिति के अनुसार बिरसा मुंडा स्टेडियम में ट्रैक, सुरक्षा, मेडिकल और तकनीकी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। यहां पर देश भर से जुटे एथलीट कोच का सेमिनार भी होगा। जिसमें झारखंड के कोच को भी ट्रेनिंग दी जाएगी। वहीं नई तकनीकों से भी अवगत कराया जाएगा।

