रांची। हजारीबाग में म्यूटेशन से जुड़े विवादित मामले पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने हजारीबाग उपायुक्त को तत्काल मामले की जांच कर दोषी अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। साथ ही राज्य के सभी उपायुक्तों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किसी भी अंचल में म्यूटेशन के मामले निर्धारित समय-सीमा से अधिक लंबित न रहें।
जानकारी के अनुसार, हजारीबाग में एक युवक ने अपनी जमीन के म्यूटेशन में कथित गड़बड़ी और सुनवाई नहीं होने से नाराज होकर मोबाइल टावर पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन किया था। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया। मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
युवक का आरोप है कि उसकी जमीन का दाखिल-खारिज गलत तरीके से दूसरे व्यक्ति के नाम कर दिया गया था। कई बार शिकायत के बावजूद समाधान नहीं होने पर उसने यह कदम उठाया। प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतारा गया।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब पूरे मामले की जांच की जाएगी। साथ ही राज्यभर में लंबित म्यूटेशन मामलों के त्वरित निष्पादन पर भी प्रशासनिक निगरानी बढ़ने की संभावना है।
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