Jamshedpur : बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना पूरा होने का नाम नहीं ले रही है। यह 11 साल से अधूरी पड़ी है। अभी इस योजना को पूरा करने का बीड़ा पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की बेटी दुखनी सोरेन ने उठाया है। दुखनी सोरेन को बागबेड़ा महानगर विकास समिति का संरक्षक बनाया गया है। दुखनी सोरेन ने बुधवार को बागबेड़ा के घाघीडीह जाकर जलापूर्ति योजना के प्लांट का निरीक्षण किया। दुखनी सोरेन ने फैसला किया है कि वह जल्द ही बागबेड़ा में एक आंदोलन चलाएंगी। हर घर से एक मुट्ठी चावल लेंगी और जनता का समर्थन मांगेंगी। इसके बाद विधानसभा तक के लिए जमशेदपुर से पदयात्रा शुरू करेंगी।
बागबेड़ा महानगर विकास समिति के अध्यक्ष सुबोध झा ने बताया कि बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना का शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 18 अप्रैल साल 2015 को किया था। यह योजना 27 जुलाई साल 2018 को पूरी होनी थी। लेकिन, अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। इस योजना के तहत बनने वाले वाटर प्लांट से 21 पंचायतों के 113 गांव के लोगों और रेलवे क्षेत्र की 33 बस्तियों को पानी मिलना है। ढाई लाख से अधिक की आबादी इस वाटर प्लांट के दायरे में है। पाइपलाइन हर तरफ बिछा दी गई है।
इसके बावजूद किसी को अभी तक पानी नहीं मिल पा रहा है। वाटर प्लांट अधूरा पड़ा हुआ है। सुबोध झा ने बताया कि उन्होंने भी इस योजना के लिए काफी आंदोलन किया था। इसके बाद रांची तक पदयात्रा भी की थी। इसके बाद योजना तैयार हुई थी। लेकिन, अभी तक यह पूरी नहीं हो पाई है। निरीक्षण के दौरान सुबोध झा के अलावा कृष्णा पात्रो, संपूर्ण घाघीडीह विकास समिति के अध्यक्ष छोटे राय मुर्मू, प्रभा हांसदा, रामेश्वर प्रसाद, कन्हैया पांडे, अखिलेश कुमार, सौरभ कुमार, संतोष जायसवाल आदि भी मौजूद रहे।

