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Jharkhand Police:पुलिस सेवा नौकरी नहीं, जनसेवा का संकल्प है; पासिंग आउट परेड में CM हेमंत सोरेन ने बढ़ाया उत्साह

by Kanchan Kumar
Jharkhand Police Passing Out Parade
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रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि पुलिस की वर्दी पहनना सिर्फ एक नौकरी पाना नहीं है। यह जनता की सुरक्षा, कानून का राज बनाए रखने और समाज की रक्षा करने की एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी नए पुलिसकर्मियों से अपील की कि वे अपनी ट्रेनिंग के दौरान सीखी गई बातों का इस्तेमाल पूरी ईमानदारी के साथ राज्य के हित और लोगों की सेवा में करें।

वे गुरुवार को रांची के डोरंडा में स्थित जैप-1 मैदान में आयोजित ‘पासिंग-आउट परेड समारोह’ में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। लगभग 30 हफ्तों की कड़ी और अनुशासित ट्रेनिंग पूरी करने के बाद ये जवान अब पूरी तरह से फील्ड में उतरने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षुओं को इस दिन का लंबे समय से इंतजार था और लगभग 30 सप्ताह के कठोर एवं अनुशासित प्रशिक्षण के बाद वे अब राज्य की सेवा के लिए तैयार हुए हैं। इस बैच में अनुकंपा के आधार पर नियुक्त जवानों के साथ-साथ झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के माध्यम से नियुक्त पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) भी शामिल हैं।

25 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी पर जताई खुशियां

उन्होंने कहा कि यह बेहद खुशी की बात है कि इस बैच में लगभग 25 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी है, जो पुलिस बल में बढ़ती महिला सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक संकेत है। उन्होंने सभी महिला पुलिसकर्मियों को शुभकामनाएं दीं। कहा कि राज्य के प्रत्येक क्षेत्र में पुरुषों और महिलाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

जिम्मेदारी का कराया अहसास, बढ़ाया मनोबल

हेमंत सोरेन ने कहा कि यह शपथ केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनसेवा के प्रति आजीवन प्रतिबद्धता का प्रतीक है। वर्दीधारी बल के सदस्य होने के नाते यह जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है, क्योंकि अब उनका जीवन केवल व्यक्तिगत नहीं रह जाता, बल्कि राज्य और समाज की सुरक्षा से जुड़ जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों के सामने कई बार ऐसी परिस्थितियां आती हैं, जहां उन्हें अपने जीवन की परवाह किए बिना कर्तव्य का निर्वहन करना पड़ता है। कई पुलिसकर्मियों ने राज्य और देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है। नव नियुक्त जवानों और अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे उस अधूरे सफर को आगे बढ़ाएं और जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

Jharkhand Police Passing Out Parade

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और अन्य विषयों पर जो शिक्षा दी गई है, उसका प्रभाव अब राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में दिखाई देना चाहिए। यदि सभी पुलिसकर्मी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करेंगे तो राज्य के सामने आने वाली चुनौतियों का प्रभावी समाधान संभव होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिकूल मौसम के कारण इस वर्ष पासिंग-आउट परेड कार्यक्रम पुलिस परिसर के भीतर आयोजित करना पड़ा, लेकिन इससे प्रशिक्षुओं और उनके परिजनों का उत्साह कम नहीं होना चाहिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है।

पुलिस परिवारों के लिए किए बड़े ऐलान

मौके पर मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए बड़ी घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पुलिस विभाग के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस आवासीय स्कूल (Residential Schools) बनवाएगी। इसके साथ ही पुलिस परिवारों को बेहतर इलाज मिल सके, इसके लिए खास मेडिकल सुविधाएं भी तैयार की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और पुलिस बल के संयुक्त प्रयासों से राज्य विकास और सुशासन की दिशा में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। उन्होंने सभी नव नियुक्त पुलिस उपाधीक्षकों और आरक्षियों को उत्कृष्ट परेड प्रदर्शन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं तथा प्रशिक्षण प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए पुलिस विभाग की सराहना की।

आकर्षक मार्चपास्ट और कदमताल का प्रदर्शन

समारोह के दौरान प्रशिक्षु जवानों ने आकर्षक मार्चपास्ट और कदमताल का प्रदर्शन किया। नव नियुक्त पुलिसकर्मियों को संविधान, देश एवं राज्य सेवा, पुलिस बल की गरिमा, अनुशासन, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की शपथ भी दिलाई गई।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने जैप-1 ग्राउंड परिसर स्थित शहीद स्मारक पर माल्यार्पण कर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा पासिंग-आउट परेड-2026 का निरीक्षण किया। उन्होंने सीटीसी स्वासपुर, मुसाबनी में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके पुलिस उपाधीक्षकों और विभिन्न जिला एवं इकाइयों से आए नव नियुक्त आरक्षियों के बीच अंतिम परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को सम्मानित भी किया।

चार पुलिस उपाधीक्षक व 336 आरक्षियों ने परेड में लिया भाग

पासिंग-आउट परेड में राज्य के चार पुलिस उपाधीक्षक तथा 336 आरक्षी शामिल हुए, जिनमें 255 पुरुष और 81 महिला आरक्षी शामिल थे।

इस अवसर पर राज्य की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा, एडीजी प्रिया दुबे सहित पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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