
Ranchi : झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत सोमवार, 30 जून से हो गई है। अभियान के पहले ही दिन राज्यभर के सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ और बीएलए-2 की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान 29 जुलाई तक चलने वाले घर-घर सत्यापन अभियान की रणनीति और कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने किया निरीक्षण
एसआईआर अभियान की शुरुआत के साथ ही चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न जिलों में मतदान केंद्रों का दौरा किया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रवि कुमार ने खूंटी जिले के तोरपा प्रखंड के मतदान केंद्र संख्या 84, 87 और 89 का निरीक्षण किया। उन्होंने बीएलओ और बीएलए-2 के साथ बैठक कर विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की प्रगति और तैयारियों की समीक्षा की।
इसके अलावा रांची और बोकारो सहित अन्य जिलों में भी चुनाव आयोग के अधिकारियों ने मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर संबंधित कर्मियों से बातचीत की और अभियान को पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
एसआईआर शुरू होते ही तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत के साथ ही झारखंड की राजनीति भी गर्म हो गई है। विभिन्न राजनीतिक दलों ने इस अभियान को लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं।
बीजेपी ने किया स्वागत
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एसआईआर अभियान का स्वागत करते हुए कहा कि इसके माध्यम से अवैध रूप से शामिल लोगों की पहचान की जा सकेगी। उन्होंने दावा किया कि संताल परगना क्षेत्र में घुसपैठियों द्वारा आदिवासियों की जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही है, जिसे रोकने में यह अभियान सहायक साबित होगा।
कांग्रेस ने जताई सतर्कता
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि पार्टी की नजर पूरे अभियान पर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि किसी भी वैध मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटने दिया जाएगा। इसके लिए कांग्रेस ने भी अपने बीएलए-2 नियुक्त किए हैं, जो पूरे अभियान पर निगरानी रखेंगे।
जेएमएम ने चुनाव आयोग को दी नसीहत
झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से अपना काम करे। उन्होंने कहा कि किसी भी वैध मतदाता का नाम सूची से नहीं हटना चाहिए और किसी भी अवैध व्यक्ति का नाम सूची में शामिल नहीं होना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को स्वतंत्र रूप से अपना दायित्व निभाना चाहिए और राजनीतिक दलों को अपनी भूमिका तक सीमित रहना चाहिए।

