
रांची: तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में स्थित एक सीफूड एक्सपोर्ट कंपनी में अमोनिया गैस रिसाव की घटना के बाद झारखंड सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राज्य के सभी 42 प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कर दी है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के निर्देश पर श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग तथा राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष ने तमिलनाडु प्रशासन, रेलवे और अस्पताल प्रबंधन के साथ लगातार समन्वय कर सभी श्रमिकों को चेन्नई से अलप्पुझा–धनबाद एक्सप्रेस के विशेष स्लीपर कोच से झारखंड के लिए रवाना कराया।
हादसे में धनबाद निवासी श्रमिक प्रीति देवी की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। राज्य सरकार की पहल पर सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर उनका पार्थिव शरीर मंगलवार शाम हवाई मार्ग से रांची लाया गया। इसके बाद एंबुलेंस से सम्मानपूर्वक उनके पैतृक आवास धनबाद भेजा जाएगा। राज्य सरकार ने मृतका के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा और अन्य वैधानिक लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
हेल्पलाइन पर लगातार मिल रही थी सहायता
राज्य सरकार की ओर से प्रवासी श्रमिकों और उनके परिजनों की सहायता के लिए तीन हेल्पलाइन नंबर लगातार सक्रिय रखे गए। किसी भी तरह की जानकारी या सहायता के लिए 0651-2443591, 0651-2443600 और टोल फ्री 1800-890-0215 पर संपर्क करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई। नियंत्रण कक्ष के माध्यम से श्रमिकों के परिजनों को लगातार स्थिति की जानकारी दी जाती रही और तमिलनाडु प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखा गया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा राज्य के सभी प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और आवश्यक सहयोग सुनिश्चित किया जाए।

