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RIMS 2 : झारखंड को मिलेगा 2800 बेड का सबसे बड़ा अत्याधुनिक अस्पताल, रिम्स-2 के निर्माण के लिए ग्लोबल टेंडर जारी

by Nikhil Kumar
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रांची : झारखंड सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की महत्वाकांक्षी ‘जागृति’ परियोजना के तहत रांची के कांके प्रखंड स्थित नगड़ी में विकसित किए जा रहे रिम्स-2 के निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय निविदा जारी की गई है। इस परियोजना के तहत 2800 बेड का राज्य का सबसे बड़ा अत्याधुनिक मल्टी स्पेशलिटी टीचिंग कम मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा। निर्माण कार्य कराने की जिम्मेदारी झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड (जेएसबीसीसीएल) को दी गई है, जबकि परियोजना को एशियाई विकास बैंक की वित्तीय सहायता प्राप्त है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 4100 करोड़ रुपये है।

बता दें कि जागृति’ झारखंड में स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने की व्यापक योजना है। इसके अंतर्गत रिम्स के दूसरे चरण यानी रिम्स-2 का विकास किया जाएगा। कांके के नगड़ी में बनने वाले इस नए परिसर में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त विशाल अस्पताल, चिकित्सा महाविद्यालय और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य ढांचा विकसित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य राज्य में गंभीर बीमारियों के इलाज और चिकित्सा शिक्षा की क्षमता का व्यापक विस्तार करना है।

परियोजना का निर्माण अभिकल्पन एवं निर्माण (डिजाइन एंड बिल्ड) मॉडल पर किया जाएगा। निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 17 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है, जबकि 10 जुलाई 2026 को प्री-निविदा बैठक आयोजित होगी।

1667 करोड रुपये का औसत वार्षिक निर्माण कारोबार करने वाली कंपनी भाग ले सकेगी टेंडर में

निविदा में केवल अनुभवी निर्माण कंपनियों को ही भाग लेने की पात्रता दी गई है। पिछले तीन वर्षों में कम से कम 1667 करोड़ रुपये का औसत वार्षिक निर्माण कारोबार, 208 करोड़ रुपये की वित्तीय क्षमता तथा 350 बेड या उससे अधिक क्षमता वाले अस्पताल के निर्माण का अनुभव अनिवार्य रखा गया है। इसके अलावा 500 करोड़ से 1500 करोड़ रुपये तक की बड़ी अस्पताल, संस्थागत या आवासीय परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा करने का अनुभव भी जरूरी होगा। अस्पताल की अभिकल्पना, अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली, चिकित्सीय गैस पाइपलाइन, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, केंद्रीय नसबंदी इकाई, न्यूमेटिक ट्यूब प्रणाली, आधुनिक वातानुकूलन, अग्निशमन व्यवस्था तथा जल एवं अपशिष्ट शोधन संयंत्र जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं के निर्माण में दक्ष कंपनियां ही इस परियोजना में भाग ले सकेंगी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा अस्पताल, मरीज को पलायन नहीं करना पड़ेगा दूसरे राज्यों में

परियोजना में आधुनिक अस्पताल प्रबंधन प्रणाली, चिकित्सीय गैस पाइपलाइन, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, केंद्रीय नसबंदी इकाई, आधुनिक अस्पताल फर्नीचर, वातानुकूलन व्यवस्था, अग्निशमन प्रणाली तथा जल एवं अपशिष्ट शोधन संयंत्र जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे रिम्स-2 को राष्ट्रीय स्तर की स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस किया जाएगा।

वर्तमान रिम्स में काफी दबाव है

वर्तमान में रांची के बरियातू स्थित रिम्स पर पूरे झारखंड के साथ-साथ बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों से आने वाले गंभीर मरीजों के इलाज का भी बड़ा दबाव रहता है। राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल होने के कारण यहां प्रतिदिन हजारों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं, जिससे बेड और संसाधनों पर लगातार दबाव बना रहता है। ऐसे में कांके के नगड़ी में 2800 बेड वाले रिम्स-2 के निर्माण से रिम्स पर मरीजों का बोझ काफी कम होगा, उपचार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और गंभीर बीमारियों के मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं अधिक आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।

रिम्स-2 के लिए केंद्र से मांगे 2000 करोड़

स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बताया कि झारखंड सरकार लगभग 4100 करोड़ रुपये की लागत से रिम्स-2 की स्थापना की दिशा में कार्य कर रही है तथा इसके लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक से ऋण लिया जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि यदि 2000 करोड़ का सहयोग मिल जाए तो यह महत्वाकांक्षी परियोजना शीघ्र पूरी होगी और झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगी।

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