
रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत पहले सात दिनों में लगभग 1.05 करोड़ मतदाताओं तक इन्यूमरेशन फॉर्म पहुंचा दिए गए हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सोमवार को बताया कि बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के साथ मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट-2 (बीएलए-2) भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जिससे फॉर्म वितरण और सत्यापन का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि राज्य के कुल मतदाताओं में से लगभग 39.73 प्रतिशत, यानी 1,05,13,490 मतदाताओं तक बीएलओ घर-घर पहुंचकर इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध करा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण पूरी तरह सहभागी प्रक्रिया है और इसे सफल बनाने में राजनीतिक दलों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपने-अपने बीएलए-2 को बूथ स्तर पर सक्रिय रखने की अपील की। बीएलए-2 प्रतिदिन अधिकतम 50 इन्यूमरेशन फॉर्म भरकर बीएलओ को जमा कर सकते हैं।
हालांकि, इसके लिए उन्हें स्वयं सत्यापन प्रमाणपत्र देना होगा और यह घोषणा करनी होगी कि दी गई जानकारी सत्यापन पर आधारित है तथा गलत घोषणा करने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-31 के तहत दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि बीएलओ और बीएलओ सुपरवाइजर द्वारा प्राप्त फॉर्म का सत्यापन कर उनका डिजिटाइजेशन किया जाएगा। वहीं बीएलए-2 अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट और गैर-भारतीय (रिफ्यूज टू साइन) मतदाताओं की सूची तैयार करेंगे, जिसका बीएलओ की सूची से मिलान किया जाएगा। सत्यापन के बाद ही संबंधित सूची का प्रकाशन होगा और 5 अगस्त को मतदाता सूची के प्रारूप (ड्राफ्ट) प्रकाशन के साथ इसे भी सार्वजनिक किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन मतदाताओं की पूर्व विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान सफलतापूर्वक मैपिंग हो चुकी है, उन्हें सामान्यतः अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। बीएलओ को निर्देश दिया गया है कि घर-घर भ्रमण के दौरान अधिक से अधिक मतदाताओं की मैपिंग सुनिश्चित करें, ताकि मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाया जा सके।

