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Eco Tourism : झारखंड में इको टूरिज्म का विकास सरकार की प्राथमिकता, बनेगी स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

by Nikhil Kumar
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पर्यटन, खेल और कला-संस्कृति विभाग की समीक्षा

रांची: सोमवार को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों, चालू वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना और प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि झारखंड में इको टूरिज्म का विकास राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके साथ ही स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना, खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएं, कलाकारों का डेटाबेस तैयार करने तथा पर्यटन परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने पर विशेष जोर दिया।बैठक में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विभागीय सचिव मुकेश कुमार, पर्यटन निदेशक नमन प्रियेश लकड़ा, खेल निदेशक छवि रंजन सहित विभाग के वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

अंडरग्राउंड कोल माइंस क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां पर्यटन विकसित करे

समीक्षा बैठक में पर्यटन स्थलों के विकास, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, खेल अवसंरचना और युवाओं से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के अंडरग्राउंड कोल माइंस क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां पर्यटन विकसित करने की संभावनाओं पर कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, लातेहार, हजारीबाग, रांची सहित अन्य जिलों में इको टूरिज्म की संभावनाओं वाले स्थलों को विकसित करने की दिशा में शीघ्र कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में इको टूरिज्म की असीम संभावनाएं हैं और योजनाबद्ध तरीके से इको टूरिज्म सर्किट विकसित कर राज्य को नई पर्यटन पहचान दी जा सकती है। उन्होंने प्राकृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक और इको टूरिज्म स्थलों के समग्र विकास के साथ झारखंड की नई पर्यटन नीति तैयार करने का भी निर्देश दिया।
बैठक में पतरातू घाटी के विकास पर भी विशेष चर्चा हुई।

पतरातू व्यू पॉइंट निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने पतरातू व्यू पॉइंट निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा पतरातू समेत अन्य उपयुक्त पर्यटन स्थलों पर रोपवे स्थापित करने की योजना तैयार करने को कहा। वहीं लातेहार जिले के नेतरहाट में ग्लास वॉच टावर अथवा ग्लास ब्रिज, कोयल व्यू पॉइंट पर कॉटेज, ट्रैकिंग सुविधा, स्विमिंग पूल और लोध फॉल को इको टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए।

पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आर्थिक तंगी के कारण अन्य कार्य की नौबत नहीं आनी चाहिए

खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आर्थिक तंगी के कारण अन्य कार्य करने की नौबत नहीं आनी चाहिए। इसके लिए खिलाड़ियों का डेटाबेस तैयार कर आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने की योजना बनाई जाए। उन्होंने खेलगांव स्थित मेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की वर्तमान स्थिति, रखरखाव, वित्तीय प्रबंधन, खिलाड़ियों की सुविधाओं और प्रशिक्षकों के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने झारखंड में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा। साथ ही राज्य के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को देश के उत्कृष्ट खेल प्रशिक्षण केंद्रों और खेल अकादमियों का एक्सपोजर विजिट कराने तथा विभिन्न खेलों के नामचीन खिलाड़ियों और विशेषज्ञों को झारखंड बुलाकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर बल दिया।

कलाकारों का डेटाबेस होगा तैयार

कला-संस्कृति विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न कला विधाओं से जुड़े कलाकारों का व्यापक डेटाबेस तैयार करने के निर्देश दिए। विभाग ने बताया कि अब तक लगभग 12 हजार कलाकारों का निबंधन किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने सभी पंजीकृत कलाकारों की सूची जिलों को भेजकर सत्यापन कराने तथा उन्हें देश के प्रतिष्ठित स्कूल ऑफ फाइन आर्ट्स और अन्य संस्थानों में एक्सपोजर विजिट कराने की व्यवस्था करने को कहा। साथ ही अन्य राज्यों के कलाकारों को भी झारखंड बुलाकर सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के निर्देश दिए, ताकि राज्य के कलाकारों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर अवसर मिल सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन के विकास से राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी पर्यटन परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता और आधुनिक मानकों के अनुरूप पूरी की जाएं।

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