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Voter List Revision : धीमे डिजिटाइजेशन वाले क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाकर काम में लाएं तेजी : के. रविकुमार

by Nikhil Kumar
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सीईओ ने की मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा

14 जुलाई को अनिवार्य रूप से सभी मतदान केंद्रों पर चुनाव पाठशाला का करें आयोजन

उपलब्ध कराए गए इन्यूमेरेशन फॉर्म को सही जानकारी के साथ जल्द वापस करें वोटर

रांची : शुक्रवार को झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा की। सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ईआरओ), सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (एईआरओ), उप निर्वाचन पदाधिकारियों, कंप्यूटर ऑपरेटरों एवं बीएलओ पर्यवेक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जूम मीटिंग के माध्यम से हुई समीक्षा में उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में डिजिटाइजेशन का कार्य धीमी गति से चल रहा है, वहां विशेष शिविर लगाकर कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर इसे पूरा किया जा सके।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि 14 जुलाई को राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर अनिवार्य रूप से चुनाव पाठशाला आयोजित की जाए। इसी दिन बीएलओ और बीएलए-2 की संयुक्त बैठक भी होगी, जिसमें एएसडीडी सूची का सार्वजनिक वाचन कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि बीएलओ द्वारा उपलब्ध कराए गए गणना प्रपत्र (इन्यूमरेशन फॉर्म) को सही जानकारी के साथ भरकर जल्द वापस करें।

भारतीय नागरिक ही भर सकते हैं फॉर्म

सीईओ ने स्पष्ट किया कि यह प्रपत्र केवल पात्र भारतीय नागरिक ही भर सकते हैं। किसी विदेशी नागरिक द्वारा गलत जानकारी देना या अवैध रूप से प्रपत्र भरना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत दंडनीय अपराध है और ऐसे मामलों में संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।

शंका होने पर बीएलओ से मदद लें मतदाता

के. रवि कुमार ने कहा कि गणना प्रपत्र भरने में किसी प्रकार की शंका होने पर मतदाता अपने बीएलओ अथवा स्वयंसेवकों की सहायता ले सकते हैं। इसके अलावा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा तैयार किए गए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित वीडियो मार्गदर्शिका का भी उपयोग किया जा सकता है, जो कार्यालय के सभी सोशल मीडिया मंचों पर उपलब्ध है।

गणना प्रपत्र पर मतदाताओं के हस्ताक्षर अनिवार्य

सीईओ ने बताया कि बीएलओ प्रत्येक मतदाता के घर दो प्रतियों में गणना प्रपत्र पहुंचा रहे हैं। प्रपत्र पर बीएलओ का नाम और मोबाइल नंबर पहले से अंकित है। इसमें मतदाता को अपनी जन्म तिथि के आधार पर निर्धारित श्रेणी के अनुसार आवश्यक विवरण भरना होगा। अंतिम भाग में यह घोषणा करनी होगी कि उसने किसी अन्य देश की नागरिकता ग्रहण नहीं की है, किसी अन्य विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में उसका नाम दर्ज नहीं है तथा दी गई सभी जानकारियां सत्य हैं। इसके बाद प्रपत्र पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य होगा।
समीक्षा बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सहित सभी जिलों के संबंधित निर्वाचन पदाधिकारी, ईआरओ, एईआरओ, उप निर्वाचन पदाधिकारी, कंप्यूटर ऑपरेटर एवं बीएलओ पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।

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