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Chaibasa news : जिला समाज कल्याण विभाग व प्रखंड बाल विकास परियोजना की प्रशासनिक कार्यसंस्कृति पारदर्शी नहीं : सन्नी सिंकु

दोषपूर्ण आंगनबाड़ी सेविका चयन का प्रयास करने वाले सीडीपीओ के विरोध में झारखंड पुनरुथान अभियान ने किया धरना प्रदर्शन

by Hari Shankar Gope
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चाईबासा : जिला के विभिन्न प्रखंड क्षेत्रों में दोषपूर्ण आंगनबाड़ी सेविका चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के प्रयास करने वाले सीडीपीओ के विरोध में आज गैर राजनीतिक सामाजिक संगठन झारखंड पुनरुथान अभियान के तत्वाधान में सदर अनुमंडल मुख्यालय के समक्ष एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया गया। जिसकी अध्यक्षता और संचालन अभियान के पश्चिम सिंहभूम जिलाध्यक्ष नारायण सिंह पुरती ने की। धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अभियान के केंद्रीय अध्यक्ष सन्नी सिंकु ने कहा जिला में आंगनबाड़ी सेविका चयन प्रक्रिया में जो मामला चक्रधरपुर, नोवामुंडी, मझगांव , सोनुआ प्रखंड से प्रकाश में आ रहा है, बहुत ही संगीन और गंभीर है। जिससे पता चलता है जिला समाज कल्याण विभाग और प्रखंड बाल विकास परियोजना की प्रशासनिक कार्यसंस्कृति पारदर्शी नहीं है। यह अनुसूचित जिला के लिए बिल्कुल भी असहनीय है।

 

अनुसूचित जिला में पेसा का अवमानना करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित किया जाना चाहिए

खासकर आंगनबाड़ी सेविका चयन प्रक्रिया के लिए कई बार ग्रामसभा का आयोजन किया जाना कोल्हान पोड़ाहाट के मुंडाओं और संविधान के प्रतिकूल है। जबकि 2 जनवरी 2026 को झारखंड सरकार ने पेसा नियमावली को अधिसूचित कर दिया है। जिसके तहत कोल्हान पोड़ाहाट के मुंडा को ग्राम सभा का पदेन अध्यक्ष माना गया है। लेकिन चक्रधरपुर अंचल के सीडीपीओ द्वारा बांझीकुसुम गांव में बार-बार ग्रामसभा आयोजन करने का सूचना देना संविधान का अवमानना नहीं तो क्या है? अनुसूचित जिला में पेसा का अवमानना करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित किया जाना चाहिए।अभियान के केंद्रीय महासचिव अमृत मांझी ने कहा जिला के चक्रधरपुर, नोवामुंडी, मझगांव और सोनुवा प्रखंड के विभिन्न गांव से जो सूचना प्राप्त हुई है, लगभग एक समान है।

 

जिला में एक साजिश के तहत प्रायोजित तरीके से की जा रही आंगनबाड़ी सेविका चयन

जिससे यह साबित होता है जिला में आंगनबाड़ी सेविका चयन प्रक्रिया एक साजिश के तहत प्रायोजित तरीके से की जा रही है। जिसमें संबंधित अधिकारियों की संलिप्तता की पूरी पूरी आशंका है। इसीलिए हमने महामहिम राज्यपाल, लोकभवन झारखंड रांची को उल्लेखित भारी अनियमितता की निष्पक्ष जांच कराने के लिए उपायुक्त के द्वारा चार सूत्री मांग पत्र सौंपी है। अभियान के स्टूडेंट्स विंग मेंटर बासिल हेंब्रम ने कहा हमने चक्रधरपुर अंचल के बांझीकुसुम गांव में आंगनबाड़ी सेविका चयन प्रक्रिया की सूचना पाकर अंक प्रमाण पत्र की सत्यापन करने के लिए ही CPGRAMS के द्वारा मिलन बारला के नाम से जारी अंक प्रमाण पत्र की जाँच की मांग की थी। जिस प्रमाण पत्र को यूजीसी ने फर्जी अंक प्रमाण पत्र के रूप में सूचना प्रदान किया है। यह इस जिला के आंगनबाड़ी सेविका चयन प्रक्रिया में की जा रही भारी फर्जीवाड़ा को प्रदर्शित करता है।

 

निष्पक्ष जांच के लिए राज्यपाल के नाम उपायुक्त को सौंपी गई चार सूत्री मांग पत्र

झारखंड पुनरुथान अभियान की ओर से आज धरना प्रदर्शन करने के बाद राज्यपाल रांची को निष्पक्ष जांच हेतु चार सूत्री मांग पत्र उपायुक्त के द्वारा सौंपी गई है। जिस मांग पत्र में मिलन बारला की फर्जी प्रमाण पत्र को भी संलग्न किया गया है। सौंपी गई मांग पत्र के आलोक में निष्पक्ष जांच कर त्वरित कार्रवाई नहीं होती है तो अभियान की ओर से चरणबद्ध आंदोलन की जाएगी। धरना प्रदर्शन को अभियान के केंद्रीय सलाहकार सदस्य जगदीश चंद्र सिंकु और सुमंत ज्योति सिंकु, अरिल सिंकु, समीर हेंब्रम, विकाश केराई, विनीत लागुरी, सुरा पूर्ति, विशाल गुड़िया, आशा पूर्ति, बलभद्र सवैया, केदारनाथ कालुंडिया ने भी संबोधित किया।

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