
रांची: रांची के दशमफॉल और तमाड़ इलाकों में पिछले दो दिनों से हथियार दिखाकर लोगों को डराने और लूटपाट करने वाले एक बड़े गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस अंतरजिला गिरोह के चार शातिर अपराधियों को दबोच लिया है। पकड़े गए बदमाशों के पास से पुलिस ने लूटी हुई एक बाइक, मोबाइल फोन, कुछ नकद पैसे और एक देसी पिस्तौल बरामद की है। इसके साथ ही वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली दो मोटरसाइकिलें भी जब्त की गई हैं। पुलिसिया पूछताछ में इन बदमाशों ने तमाड़ इलाके में हुई दो और लूट की घटनाओं में अपना हाथ होने की बात कबूल की है।
वारदात के महज 4 घंटे बाद ही पकड़े गए आरोपी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई 15 जुलाई 2026 को हुई एक वारदात के बाद शुरू हुई। दशमफॉल थाना क्षेत्र के आराडीह पंचायत के पास चार हथियारबंद अपराधियों ने एक राहगीर को रोका और पिस्तौल का डर दिखाकर उसकी मोटरसाइकिल, मोबाइल और पैसे छीन कर फरार हो गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए रांची के SSP के निर्देश और ग्रामीण एसपी के मार्गदर्शन में एक स्पेशल टीम बनाई गई। इस टीम की कमान बुंडू के एसडीपीओ ओम प्रकाश संभाल रहे थे। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए आधुनिक तकनीक, गुप्त सूचनाओं और चश्मदीदों से मिले सुरागों पर काम करना शुरू किया। ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए पुलिस ने वारदात के सिर्फ 4 घंटे के भीतर चारों लुटेरों को धर दबोचा।
दो दिनों में की थीं कई लूटपाट
एसडीपीओ ओम प्रकाश ने बताया कि पकड़े गए अपराधियों ने केवल इसी घटना को अंजाम नहीं दिया था, बल्कि वे पिछले 24 से 48 घंटों में कई जगहों पर लूटपाट कर चुके थे। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि 14 जुलाई को उन्होंने तमाड़ के पतसायडीह मार्ग पर एक व्यक्ति से मोबाइल और पैसे छीने थे। उसी दिन उन्होंने परासी गांव के पास एक NHAI प्लांट के नजदीक से एक दूसरे व्यक्ति से 20 हजार रुपये और उसका फोन भी लूटा था। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
खूंटी और तमाड़ के रहने वाले हैं अपराधी
पकड़े गए आरोपियों में तीन खूंटी जिले के अड़की के रहने वाले हैं, जिनके नाम अंकित मुंडा, गोपाल मुंडा और अजीत मुंडा हैं। वहीं चौथा आरोपी तमाड़ का रहने वाला गुरुवा मुंडा है।
इस मामले को लेकर दशमफॉल थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। इस पूरे ऑपरेशन को कामयाब बनाने में एसडीपीओ ओम प्रकाश, दशमफॉल थाना प्रभारी कुंदन कुमार और मरांगहादा थाने की पुलिस टीम की मुख्य भूमिका रही।

