
रांची : झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर युवाओं का सब्र अब जवाब दे चुका है। जेपीएससी और जेएसएसस परीक्षाओं में धांधली का आरोप लगाते हुए छात्रों का गुस्सा लगातार तीसरे दिन भी सड़कों पर नजर आया। शुक्रवार शाम जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से एल्बर्ट एक्का चौक तक निकाले गए विशाल कैंडल मार्च में हजारों छात्रों का हुजूम उमड़ पड़ा।
तीन दिनों से जारी है आंदोलन
बुधवार से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन अब धीरे-धीरे बड़ा रूप लेता जा रहा है। गुरुवार को छात्र संगठनों के इस आंदोलन को आजसू का भी साथ मिला था, जिसके बाद राजभवन तक मार्च किया गया। शुक्रवार को भी जयपाल सिंह स्टेडियम में डटे अभ्यर्थियों के हाथों में तख्तियां और जुबान पर आयोग के खिलाफ तीखे नारे थे। छात्रों के इस आक्रामक रुख ने राज्य सरकार की बेचैनी बढ़ा दी है।

प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ झारखंड के छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराया।
ब्लैकलिस्टेड कंपनी से जांच, ओएमआर वायरल हुआ तो जगे
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने आरोप लगाया कि राज्य की हर परीक्षा में धांधली का खेल चल रहा है। JPSC पेपर लीक की जांच एक ब्लैकलिस्टेड कंपनी को दी गई और बिना सही जांच के पीटी का रिजल्ट भी जारी कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि ओएमआर शीट वायरल होने के बाद ही सरकार की नींद खुली। अधिकारियों का इस्तीफा दिला देने भर से जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती, बल्कि पूरे सिस्टम में पारदर्शिता लानी होगी। उन्होंने साफ कहा कि झारखंड का युवा अब जागरूक हो चुका है और मांगें पूरी होने तक यह सत्याग्रह रुकेगा नहीं।
रांची को जंतर-मंतर मत बनने दीजिए
आंदोलन के दौरान छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधी अपील की। एक अभ्यर्थी ने कहा, हेमंत सोरेन जी, रांची को दिल्ली का जंतर मंतर मत बनने दीजिए। यदि हमें न्याय नहीं मिला तो आंदोलन और उग्र होगा। अब हमलोग चुप रहने वाले नहीं हैं। आप समय रहते समाधान निकालिए।
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