
रांची : जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने आंदोलनरत छात्रों से एक बार फिर संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। छात्र आंदोलन को लेकर गठित मंत्रियों के समूह ने शनिवार देर शाम सूचना भवन में प्रेसवार्ता कर सरकार की ओर से किए गए फैसलों और वार्ता की जानकारी दी।
मंत्रियों के समूह के अध्यक्ष एवं उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदीव्य कुमार ने कहा कि राज्य सरकार लगातार तीन दिनों से आंदोलनरत छात्रों के साथ बातचीत कर रही है और सरकार की कोशिश है कि संवाद के जरिए आंदोलन समाप्त हो। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार के अधिकांश मांगों पर सहमत होने के बावजूद वार्ता पूरी तरह सफल नहीं हो सकी।
सुदीव्य कुमार ने कहा कि छात्रों ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को भी रद्द करने की मांग की है। सरकार ने छात्रों को बताया है कि यह परीक्षा उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में संपन्न हुई है, इसलिए राज्य सरकार सीधे तौर पर इसे रद्द नहीं कर सकती। हालांकि सरकार ने इस मामले में उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर परीक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी और जांच कराने का निर्णय लिया है। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद सरकार समुचित निर्णय लेगी।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद छात्र सरकार के प्रस्ताव को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों से अपील की कि वे सोमवार के प्रस्तावित आंदोलन को वापस लें और किसी भी तरह की हठधर्मिता छोड़कर संवाद का रास्ता अपनाएं। उन्होंने कहा कि बातचीत से ही समस्या का समाधान संभव है।
नगर विकास मंत्री ने कहा कि सरकार और छात्रों के बीच मुख्य रूप से तीन मुद्दों पर बातचीत हुई है। पहला, परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच की प्रक्रिया। दूसरा, संदिग्ध परीक्षाओं को रद्द करने की मांग और तीसरा, भविष्य में परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एसओपी तैयार करना।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने जेपीएससी की परीक्षाओं में सामने आई कथित गड़बड़ियों को देखते हुए बैकलॉग-23 और बैकलॉग-25 की परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। इन मामलों की फिलहाल सीआईडी जांच कर रही है। सरकार जल्द ही वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भी पत्र लिखेगी। टीडीपीएल पर लगे आरोपों की भी व्यापक जांच कराई जाएगी। फास्ट ट्रैक के तहत 90 दिनों में जांच पूरी की जाएगी।
परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए आईआईटी आईएसएम धनबाद और एक्सएलआरआई जमशेदपुर के सहयोग से विस्तृत रोडमैप और एसओपी तैयार किया जाएगा। इसके लिए छात्रों से सुझाव भी लिए जा रहे हैं और सरकार ने सुझाव देने के लिए एक पोर्टल भी शुरू कर दिया है।
मंत्रियों के समूह ने कहा कि राज्य सरकार छात्रों की सभी वैध मांगों पर गंभीरता से विचार करने और उन्हें मानने के लिए तैयार है। सरकार चाहती है कि आंदोलन का समाधान टकराव के बजाय बातचीत और संवाद से निकाला जाए।
प्रेसवार्ता में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री चमरा लिंडा, मंत्री संजय यादव समेत मंत्रियों के समूह के अन्य सदस्य, वित्त सचिव प्रशांत कुमार।

