
Jamshedpur : आदित्यपुर नगर निगम, मानगो नगर निगम, जुगसलाई नगर परिषद और कपाली नगर परिषद में साफ-सफाई एवं ठोस कचरा प्रबंधन का काम कर रही क्यूब आदित्यपुर वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड की कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। चारों शहरी निकायों के प्रमुखों ने संयुक्त रूप से राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के निदेशक को पत्र भेजकर कंपनी के कामकाज की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
17 अगस्त को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि कंपनी को संविदा के आधार पर चारों निकायों में साफ-सफाई और ठोस कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है। इसके बावजूद कंपनी के कार्यों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। पत्र में कार्यप्रणाली में कथित वित्तीय अनियमितताओं, सफाई व्यवस्था में लापरवाही और संविदात्मक शर्तों के पालन में कमी की शिकायतों का भी उल्लेख किया गया है।
मानगो में सफाई व्यवस्था पर लोगों की नाराजगी
मानगो नगर निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक बताई जा रही है। शहर के कई इलाकों में जगह-जगह कचरा जमा है और समय पर उठाव नहीं होने के कारण कचरा सड़ने से दुर्गंध फैल रही है। इससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, राजनीतिक तौर पर यह भी सवाल उठ रहा है कि वर्तमान मेयर ने कार्यभार संभालने के बाद पहली ही बैठक में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का काम कर रही कंपनी को हटाने का फैसला लिया था। इसके बाद वैकल्पिक व्यवस्था के बावजूद सफाई व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है। अब क्यूब कंपनी के कामकाज की जांच की मांग को लेकर नगर विकास विभाग को पत्र भेजे जाने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस भी तेज होने की संभावना है।
सात बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग
चारों निकायों की ओर से SUDA निदेशक से मांग की गई है कि क्यूब आदित्यपुर वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। इसके साथ ही चारों निकायों में कंपनी के सफाई कार्यों का स्थल निरीक्षण कर वास्तविक प्रदर्शन का मूल्यांकन करने की मांग की गई है।
पत्र में कंपनी के कामकाज का निविदा और अनुबंध की शर्तों से मिलान कराने, घर-घर कचरा संग्रहण, कचरे के उठाव एवं परिवहन, सफाई कर्मियों की उपलब्धता, वाहनों और संसाधनों की तैनाती तथा कचरे के उचित निस्तारण की व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की गई है।
निकायों ने कहा है कि जांच में यदि कंपनी की लापरवाही, अनियमितता या अनुबंधीय शर्तों का उल्लंघन सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। दोषी पाए जाने की स्थिति में कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने, भुगतान पर तत्काल रोक लगाने और एफआईआर की प्रक्रिया शुरू करने की भी मांग की गई है। साथ ही नई एजेंसी को सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी देने के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया गया है।
चारों निकायों को कार्रवाई की जानकारी देने की मांग
पत्र में कहा गया है कि सफाई और ठोस कचरा प्रबंधन सीधे तौर पर आम नागरिकों के स्वास्थ्य, स्वच्छ वातावरण और शहरी व्यवस्था से जुड़ा विषय है। इसलिए कंपनी के कामकाज की तत्काल समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाए और जांच के बाद की गई कार्रवाई से चारों नगर निकायों को अवगत कराया जाए।
हालांकि, क्यूब कंपनी पर लगाए गए आरोपों और सफाई व्यवस्था में कथित लापरवाही के संबंध में कंपनी का पक्ष इस पत्र में उपलब्ध नहीं है। जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और जिम्मेदारी तय हो सकेगी।


