
रांची : झारखंड में अंतरराज्यीय बस परिवहन को नये सिरे से व्यवस्थित करने की तैयारी शुरू हो गयी है। राज्य के अलग-अलग जिलों और प्रमुख शहरों में आधुनिक अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) विकसित करने के लिए अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करायी जायेगी। इसके लिए झारखंड अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (जुडको) ने सलाहकार एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू की है। खास बात यह है कि सलाहकार केवल डीपीआर तैयार नहीं करेगा, बल्कि प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए परियोजना प्रबंधन परामर्श (पीएमसी) भी देगा।
जुडको की ओर से जारी निविदा में विभिन्न स्थानों पर आईएसबीटी परियोजनाओं के लिए सलाहकार के चयन का प्रावधान किया गया है। इसका मतलब है कि अभी सरकार का फोकस केवल बस टर्मिनल बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पहले यह तय किया जायेगा कि किस शहर में किस स्थान पर टर्मिनल बनाया जाना उपयुक्त होगा, कितनी जमीन की जरूरत होगी, कितनी बसों का संचालन होगा, कितनी लागत आयेगी और परियोजना किस मॉडल पर विकसित की जायेगी।
सलाहकार करेगा क्या काम
चयनित सलाहकार एजेंसी संबंधित शहरों में यातायात और बसों के आवागमन का अध्ययन करेगी। वह प्रस्तावित स्थल की तकनीकी जांच, जमीन की उपलब्धता, यात्री संख्या, बसों की क्षमता, पार्किंग, पहुंच मार्ग, यातायात दबाव और भविष्य की जरूरत का आकलन करेगी। इसके आधार पर डीपीआर तैयार होगी।
डीपीआर में टर्मिनल का पूरा खाका तैयार किया जायेगा। इसमें बसों के आने-जाने की व्यवस्था, यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, पार्किंग, शौचालय, पेयजल, दुकानें, खान-पान की सुविधा, चालक-परिचालक सुविधाएं सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का प्रस्ताव शामिल होगा। परियोजना प्रबंधन सलाहकार के रूप में एजेंसी आगे चलकर निर्माण और परियोजना क्रियान्वयन की निगरानी में भी सहयोग करेगी।
जमशेदपुर में सबसे स्पष्ट तस्वीर
फिलहाल राज्य में जमशेदपुर आईएसबीटी परियोजना की तस्वीर सबसे स्पष्ट है। सरकार ने जमशेदपुर में आईएसबीटी सह वाणिज्यिक परिसर के लिए 153.36 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। प्रस्तावित टर्मिनल एनएच के किनारे डिमना चौक और पारडीह के बीच करीब 9.88 एकड़ जमीन पर विकसित किया जाना है। इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस टर्मिनल के रूप में विकसित करने की योजना है और एक साथ करीब 50 बसों के ठहराव की क्षमता का प्रस्ताव सामने आया है।
रांची समेत अन्य शहर भी दायरे में
रांची में वर्तमान में बिरसा मुंडा बस टर्मिनल यानी खादगढ़ा बस स्टैंड से अंतरराज्यीय बसों का संचालन होता है। इसके अलावा राज्य में पहले से धनबाद, देवघर और जमशेदपुर जैसे शहरों में अंतरराज्यीय बस सेवाओं के केंद्र मौजूद हैं।
सारी प्रक्रिया के बाद यह तस्वीर और स्पष्ट होगी कि राज्य के किन-किन शहरों में नये आईएसबीटी बनेंगे और किस स्थान पर टर्मिनल के लिए जमीन चिह्नित की जायेगी। यानी सरकार अब बस स्टैंड के लिए सीधे निर्माण की बजाय पहले वैज्ञानिक और तकनीकी अध्ययन के आधार पर परियोजना का खाका तैयार कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
राज्य सरकार की यह पहल सफल होती है तो अंतरराज्यीय बसों के बेतरतीब संचालन को नियंत्रित करने के साथ यात्रियों को एक ही परिसर में परिवहन, पार्किंग और यात्री सुविधाएं मिल सकेंगी। खासकर रांची और जमशेदपुर जैसे बड़े शहरों में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए आधुनिक आईएसबीटी भविष्य में शहरी परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकते हैं।


