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Jamshedpur News : मानगो में स्वर्णरेखा नदी किनारे चला बुलडोजर, तीन मकानों पर कार्रवाई, लोगों सता रही पुनर्वास की चिंता

प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई नदी के तट पर अतिक्रमण से जुड़े मामले में की गई। नदी किनारे अतिक्रमण को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की ओर से पहले ही नोटिस जारी किया गया था

by Rakesh Pandey
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जमशेदपुर : जमशेदपुर के मानगो क्षेत्र में स्वर्णरेखा नदी के किनारे शुक्रवार को अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासन की टीम को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। मानगो के वार्ड संख्या 8 स्थित चाण्यक्यपुरी इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान तीन मकानों को निशाना बनाया गया। कार्रवाई शुरू होते ही प्रभावित परिवारों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई और मकान खाली करने के लिए कम से कम एक सप्ताह का समय देने की मांग की।

NGT की ओर से जारी किया गया था नोटिस

प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई स्वर्णरेखा नदी के तट पर अतिक्रमण से जुड़े मामले में की गई। स्थानीय स्तर पर बताया गया कि नदी किनारे अतिक्रमण को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की ओर से पहले ही नोटिस जारी किया गया था। इसी आदेश के आधार पर प्रशासन ने शुक्रवार को कार्रवाई शुरू की। पुलिस बल की मौजूदगी में टीम मौके पर पहुंची और चिह्नित मकानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की।

वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था के लिए मांगा समय

जैसे ही टीम ने कार्रवाई शुरू की तो स्थानीय लोगों और प्रभावित परिवारों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि उन्हें अचानक मकान खाली करने के लिए कहा जा रहा है। परिवारों ने प्रशासन से कुछ समय देने की मांग की ताकि वे अपना सामान सुरक्षित तरीके से निकाल सकें और रहने के लिए दूसरी जगह की व्यवस्था कर सकें। स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था करने के लिए भी समय की आवश्यकता है। परिवारों ने प्रशासन से मानवीय आधार पर कार्रवाई को कुछ दिनों के लिए टालने की अपील की। हालांकि प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने से संबंधित आदेश का हवाला देते हुए कार्रवाई जारी रखी।

कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों के सामने पुनर्वास की समस्या

मकानों पर कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों के सामने अब रहने की जगह की समस्या खड़ी हो गई है। परिवारों का कहना है कि यदि उन्हें पहले पर्याप्त समय दिया जाता तो वे अपना सामान सुरक्षित निकालने के साथ ही वैकल्पिक आवास की व्यवस्था कर सकते थे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद परिवारों को खुले में रहने की स्थिति में नहीं छोड़ा जाना चाहिए।

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