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Chaibasa News : हैंडओवर से पहले ही EMRS भवन और बाउंड्री में दरारें, 18 करोड़ के निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल

by Rajeshwar Pandey
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चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोईलकेरा प्रखंड में लगभग 17 से 18 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) के भवन और बाउंड्री वॉल में हैंडओवर से पहले ही जगह-जगह दरारें आने का मामला सामने आया है। करोड़ों की लागत से बन रहे आदिवासी बच्चों के इस आवासीय विद्यालय की निर्माण गुणवत्ता पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय लोगों से भवन में दरारों की सूचना मिलने के बाद 06 सितंबर 2026 को सामाजिक संगठन और पंचायत प्रतिनिधियों की टीम ने विद्यालय परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान भवन की दीवारों और बाउंड्री वॉल में कई स्थानों पर स्पष्ट रूप से दरारें (क्रैक) देखी गईं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य के शुरुआती दौर में ही कुछ स्थानीय मजदूरों और शिक्षित लोगों ने निर्माण में गड़बड़ी को लेकर आपत्ति जताई थी और लिखित शिकायत भी की थी। आरोप है कि शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि विरोध करने वाले कुछ स्थानीय लोगों को काम से हटा दिया गया। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

तकनीकी जांच और स्ट्रक्चरल ऑडिट की मांग

भवन की वर्तमान स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच और स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग की है।

उनकी मांग है कि निर्माण में उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता, मात्रा और स्वीकृत DPR / प्राक्कलन के अनुरूप कार्य हुआ है या नहीं, इसकी गहन जांच हो। यदि जांच में अनियमितता या लापरवाही प्रमाणित होती है तो संबंधित निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि यह विद्यालय क्षेत्र के आदिवासी बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा देगा, लेकिन हैंडओवर से पहले ही दरारें आना बच्चों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है। भवन की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।

इसके साथ ही सरकारी रिकॉर्ड में विद्यालय की स्थिति पहले Non-Functional और बाद में Functional दिखाए जाने को लेकर भी स्थानीय मानकी-मुंडा और पंचायत प्रतिनिधियों ने स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।

निरीक्षण में ये रहे मौजूद

स्थलीय निरीक्षण के दौरान आदिवासी ‘हो’ समाज महासभा, गोईलकेरा प्रखंड अध्यक्ष पातोर जोंको, गोईलकेरा ग्राम पंचायत मुखिया सुनीता मेराल, गम्हारिया ग्राम पंचायत मुखिया उदय चेरोवा, प्रेमसिंह चेरोवा (मुंडा), रामचंद्र चेरोवा, बामिया सुरिन, रामेश बोदरा सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय प्रतिनिधि मौजूद रहे।

निरीक्षण में शामिल प्रतिनिधियों ने मांग की है कि भवन की दरारों की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक विद्यालय भवन का हैंडओवर न किया जाए।

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