
रांची : झारखंड की राजधानी रांची में रांची बाईपास पर रामपुर चौक के पास बन रहे ग्रेड सेपरेटेड इंटरचेंज का एक हिस्सा जमीन और अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के पेंच में फंसा हुआ है। हालांकि परियोजना का काम पूरी तरह नहीं रुका है और उपलब्ध जमीन वाले हिस्से में निर्माण कार्य जारी है। करीब 218.86 करोड़ रुपये की इस परियोजना के दूसरे हिस्से में काम आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक जमीन और एनओसी की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) रांची बाईपास पर दो स्थानों पर ग्रेड सेपरेटेड इंटरचेंज का निर्माण करा रहा है। इनमें एक रांची-हजारीबाग मार्ग के जंक्शन पर किमी 113.730 और दूसरा रांची-जमशेदपुर मार्ग के जंक्शन पर किमी 139.225, यानी रामपुर चौक के पास बनाया जा रहा है।
काफी महत्वपूर्ण है यह इंटरचेंज
रामपुर चौक का इंटरचेंज काफी महत्वपूर्ण है। यह रांची बाईपास के एनएच-33 और रिंग रोड के बीच यातायात संपर्क को बेहतर करने के साथ रांची-जमशेदपुर और रांची-हजारीबाग की ओर जाने वाले मार्गों से आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाएगा। इंटरचेंज पूरा होने पर अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों को एक ही चौराहे पर एक-दूसरे का रास्ता रोकने की स्थिति कम होगी।
मौजा गड़के में जमीन अधिग्रहण, उसी हिस्से में काम जारी
रामपुर चौक स्थित इंटरचेंज के लिए एनएचएआई ने मौजा गड़के में 0.8070 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर लिया है। इस जमीन पर निर्माण कार्य चल रहा है। वहीं, इंटरचेंज की पूरी संरचना को विकसित करने के लिए रामपुर चौक से बिलासपुर जाने वाली सड़क और नामकुम-रांची दिशा की सड़क के कुछ हिस्सों की जमीन की भी जरूरत है।
पथ निर्माण विभाग की एनओसी का इंतजार
इंटरचेंज के इस हिस्से के लिए जमीन से जुड़ी प्रक्रिया के साथ पथ निर्माण विभाग से एनओसी की आवश्यकता है। यह मामला झारखंड राज्य सड़क विकास निगम (जेएसआरडीसी) से भी जुड़ा है। आवश्यक एनओसी अब तक नहीं मिलने के कारण संबंधित हिस्से में निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। पथ निर्माण विभाग से एनओसी मिलने के बाद जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी होगी और इसके बाद इस हिस्से का काम आगे बढ़ सकेगा।
फिलहाल उपलब्ध जमीन पर एनएचएआई की ओर से निर्माण कार्य जारी है। यानी परियोजना का एक हिस्सा निर्माणाधीन है, जबकि दूसरे हिस्से की बाधा दूर करने के लिए विभागीय स्तर पर प्रक्रिया चल रही है।
रामपुर चौक पर कम होगा यातायात का दबाव
इंटरचेंज के दोनों हिस्सों का काम पूरा होने के बाद रांची बाईपास और रिंग रोड के बीच वाहनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित हो सकेगी। रांची शहर, नामकुम, जमशेदपुर और हजारीबाग की ओर जाने वाले वाहनों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। खासकर बाईपास से होकर गुजरने वाले वाहनों को चौराहे पर अनावश्यक रुकने की जरूरत कम होगी। इससे रामपुर चौक पर जाम का दबाव घटने और यात्रा समय कम होने की उम्मीद है।
क्या होता है ग्रेड सेपरेटेड इंटरचेंज
ग्रेड सेपरेटेड इंटरचेंज को आसान भाषा में ऐसे समझा जा सकता है कि किसी व्यस्त जंक्शन पर अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों के रास्ते एक ही स्तर पर एक-दूसरे को काटने के बजाय उन्हें अलग-अलग स्तर पर गुजारा जाता है। इसके लिए मुख्य सड़क के ऊपर या नीचे से गुजरने वाली फ्लाईओवरनुमा संरचना के साथ रैंप बनाए जाते हैं। इससे वाहन बिना चौराहे पर रुके अपनी दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। इसका उद्देश्य जाम कम करना और बाईपास पर यातायात की गति बनाए रखना है।

