
रांची : झारखंड हाईकोर्ट से JSSC-CGL परीक्षा के जरिए बहाल हुए कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने राज्य सरकार के उस फैसले पर रोक लगा दी है, जिसके तहत इन नियुक्तियों को रद्द कर दिया गया था। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए सरकार का आदेश फिलहाल स्थगित कर दिया है।
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग से मांगा जवाब
कोर्ट ने इस पूरे मामले में राज्य सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग से जवाब मांगा है। दोनों पक्षों को 15 सितंबर तक अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। तब तक के लिए अभ्यर्थियों की सेवा पर कोई आंच नहीं आएगी। मामले की अगली सुनवाई भी 15 सितंबर को ही तय की गई है।
राज्य सरकार के नियुक्ति रद्द करने के फैसले के खिलाफ आकाश गौरव और 98 अन्य कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से पूर्व महाधिवक्ता राजीव रंजन और अधिवक्ता श्रेय मिश्रा ने बहस की। उन्होंने तर्क दिया कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने और सेवा शुरू होने के बाद इस तरह का फैसला अनुचित है।
18 अगस्त को सरकार ने जारी की थी अधिसूचना
उल्लेखनीय है कि सीआईडी जांच में गड़बड़ी की बातें सामने आने के बाद राज्य सरकार ने 18 अगस्त की देर रात बड़ा कदम उठाया था। सरकार ने टीडीपीएल एजेंसी से जुड़ी सभी परीक्षाओं को रद्द करने का फरमान जारी किया था।
कार्मिक विभाग ने अधिसूचना जारी कर 22 परीक्षाओं को रद्द किया था, 6 प्रक्रियाएं स्थगित की थीं और 17 अन्य परीक्षाओं को जांच के घेरे में डाला था। इसी सरकारी फैसले की चपेट में जेएसएससी सीजीएल परीक्षा (विज्ञापन संख्या 10/2023) के तहत हुई नियुक्तियां भी आ गई थीं। अब हाईकोर्ट के इस रुख से प्रभावित कर्मियों ने राहत की सांस ली है।
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