
Jamshedpur : सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के एग्रिको सिग्नल चौक के पास पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के घर के करीब रविवार की रात तेज रफ्तार डंफर ने स्कूटी सवार पिता-पुत्र को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में पिता दीपक कुमार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल उनके करीब 10 वर्षीय बेटे ने एमजीएम अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दोनों डिमना स्थित चंद्रवती नगर के रहने वाले बताए गए हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के अनुसार, दीपक कुमार रविवार देर शाम अपने करीब 10 वर्षीय बेटे के साथ स्कूटी से जा रहे थे। इसी दौरान एग्रिको सिग्नल चौक के पास तेज रफ्तार हाइवा ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही पिता-पुत्र सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर जुट गए।
स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया गया। हालांकि, दीपक कुमार की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। वहीं गंभीर रूप से घायल उनके बेटे को तत्काल एमजीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे भी मृत घोषित कर दिया। पिता-पुत्र की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में मातम छा गया।
घटना की सूचना मिलने पर सिदगोड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटना की जांच शुरू की। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त स्कूटी और हाइवा को कब्जे में लेकर थाना भेज दिया है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। पुलिस हाइवा चालक की भूमिका और हादसे के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है।
नो एंट्री में भारी वाहनों की आवाजाही पर उठे सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। लोगों का आरोप है कि एग्रिको सिग्नल और आसपास के इलाकों में नो एंट्री के समय भी भारी वाहनों की आवाजाही होती रहती है। लोगों ने सवाल उठाया कि जब भारी वाहनों के शहर में प्रवेश के लिए समय निर्धारित है, तो नो एंट्री के दौरान हाइवा शहर के अंदर कैसे पहुंचा।
स्थानीय लोगों ने पुलिस-प्रशासन से नो एंट्री व्यवस्था को सख्ती से लागू करने, भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी निगरानी रखने और हादसे की जांच कर दोषी चालक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस हाइवा की गति, चालक की भूमिका, दुर्घटना के कारणों और नो एंट्री के दौरान भारी वाहन के प्रवेश से जुड़े पहलुओं की जांच में जुटी है।

