
रांची : झारखंड में आज हादसों, अपराध और बड़े राजनीतिक घटनाक्रमों का दौर रहा। जमशेदपुर के मरीन ड्राइव पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में मंत्री दीपिका पांडे सिंह की 18 वर्षीया बेटी तृषा सिंह समेत चार युवाओं की असमय मौत हो गई, जिसके चलते 25 सितंबर को होने वाली कैबिनेट बैठक स्थगित कर दी गई है। वहीं धुर्वा के सीठियो श्मशान घाट पर नम आंखों और भारी बारिश के बीच बेटी को अंतिम विदाई दी गई, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई दिग्गज पहुंचे। दूसरी ओर, जमशेदपुर के केनरा बैंक में रेनकोट पहने डकैतों ने गन पॉइंट पर 42 लाख रुपये व जेवर लूट लिए। राजनीतिक गलियारों में बड़गाईं जमीन घोटाले में सीएम हेमंत सोरेन पर अब 30 सितंबर को आरोप तय होंगे, जबकि कोडरमा स्टेशन पर बरकाकाना पैसेंजर ट्रेन के कोच में लगी आग को रेलकर्मियों ने तत्परता से बुझाकर एक बड़ा हादसा टाल दिया।
जमशेदपुर मरीन ड्राइव पर खौफनाक हादसा, मंत्री दीपिका पांडे की बेटी समेत 4 युवाओं की मौत

जमशेदपुर के सोनारी मरीन ड्राइव स्थित दोमुहानी के पास गुरुवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे में राज्य की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह की 18 वर्षीया बेटी युविका सिंह और उनके तीन दोस्तों की दर्दनाक मौत हो गई। तेज रफ्तार कार (JH05 DF 6450) सड़क किनारे खड़ी एक ट्रक (JH02T 3971) से इतने जोरदार तरीके से टकराई कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। टक्कर की भयंकर आवाज से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन कार सवार चारों युवाओं ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया था। इस असमय हादसे ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। जमशेदपुर से लेकर रांची तक राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
स्मार्ट सिटी स्थित मंत्री आवास से तृषा की अंतिम यात्रा धुर्वा के सीठियो श्मशान घाट के लिए निकली। मूसलाधार बारिश के बावजूद भारी संख्या में परिजन, नेता और शुभचिंतक बेटी को अंतिम विदाई देने पहुंचे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्री इरफान अंसारी, योगेंद्र प्रसाद, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने पार्थिव शरीर पर श्रद्धासुमन अर्पित कर परिवार को ढांढस बंधाया।
झारखंड कैबिनेट की 25 सितंबर की बैठक टली, मंत्री की बेटी के निधन पर सरकार का फैसला
झारखंड सरकार ने आगामी 25 सितंबर को होने वाली राज्य मंत्रिमंडल की अहम बैठक को स्थगित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में मंत्रिमंडल सचिवालय एवं समन्वय विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। यह फैसला ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह की 18 वर्षीया बेटी के सड़क हादसे में हुए आकस्मिक निधन के बाद लिया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए कहा कि पूरा प्रशासनिक और राजनीतिक महकमा इस वक्त गहरे शोक में डूबा हुआ है। ऐसे दुखद माहौल में औपचारिक बैठक आयोजित करना उचित नहीं होगा। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश के बाद विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बैठक को आगे के लिए टालने की अधिसूचना जारी कर दी। मंत्री परिवार पर टूटे इस दुख के पहाड़ की वजह से राज्य सरकार ने शोक व्यक्त करते हुए यह कदम उठाया है।
केनरा बैंक में दिनदहाड़े डाका,42 लाख लूटे

जमशेदपुर के गोलमुरी थाना क्षेत्र स्थित केनरा बैंक में गुरुवार सुबह सवा नौ बजे 5-6 हथियारबंद बदमाशों ने दुस्साहसिक डकैती को अंजाम दिया। बारिश से बचने के बहाने रेनकोट पहनकर आए अपराधियों ने चेहरा छिपा रखा था। बैंक परिसर में घुसते ही उन्होंने कर्मियों को गन पॉइंट पर बंधक बना लिया। इसके बाद अपराधियों ने बैंक मैनेजर को पिस्टल दिखाकर चेस्ट खुलवाया और उसमें रखे 42 लाख रुपये से अधिक नकद व भारी मात्रा में सोने के आभूषण समेट लिए। पूरी वारदात को अंजाम देने के बाद डकैत दो बाइकों पर सवार होकर आसानी से फरार हो गए। पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
बड़गाईं जमीन घोटाला मामले में सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ 30 सितंबर को तय होंगे आरोप
रांची के चर्चित बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गुरुवार को ईडी की विशेष अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। कोर्ट ने उनके खिलाफ आरोप गठन के लिए अगली तारीख 30 सितंबर तय की है।
सुनवाई के दौरान सीएम के अधिवक्ता संजीव सहाय ने बताया कि ईडी ने अन-रिलायड डॉक्यूमेंट्स की सूची उसी दिन सौंपी है, इसलिए उन्हें दस्तावेजों की जांच का समय चाहिए। खुद मुख्यमंत्री ने भी कोर्ट से व्यक्तिगत कठिनाइयों का हवाला देते हुए मोहलत मांगी। कोर्ट ने आग्रह स्वीकार करते हुए 30 सितंबर की तिथि निर्धारित की। इस मामले में भानु प्रताप समेत कई सह-आरोपियों पर पहले ही आरोप तय हो चुके हैं।
कोडरमा स्टेशन पर बरकाकाना पैसेंजर बनी बर्निंग ट्रेन, डिब्बा अलग कर टाला बड़ा हादसा

कोडरमा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर खड़ी कोडरमा-बरकाकाना पैसेंजर (53373) में गुरुवार दोपहर 3:15 बजे खुलने से ठीक पहले अचानक आग लग गई। ट्रेन की सबसे पिछली बोगी से तेज धुआं उठते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया।
गनीमत रही कि आग दिव्यांगों के लिए आरक्षित बोगी में लगी थी जो पूरी तरह खाली थी। यात्रियों की सूचना पर रेलकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए आग पकड़े डिब्बे को काटकर तुरंत ट्रेन से अलग कर दिया। इसके बाद आरपीएफ और फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई से बोगियों में बैठे सैकड़ों यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई।

