Home » JSSC-CGL घोटाला के मुख्य आरोपी की पत्नी और भाई अभी जेल में ही रहेंगे,नहीं मिली जमानत

JSSC-CGL घोटाला के मुख्य आरोपी की पत्नी और भाई अभी जेल में ही रहेंगे,नहीं मिली जमानत

अदालत ने चर्चित जेएसएससी-सीजीएल भर्ती फर्जीवाड़ा मामले में मुख्य आरोपी अभय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और उसके भाई अक्षय तिवारी की जमानत याचिका खारिज कर दी है।

by Kanchan Kumar
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

रांची: ​झारखंड में सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं में हुई धांधली और भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में अदालतों ने बेहद महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। एक तरफ जहां जेएसएससी-सीजीएल भर्ती घोटाले के मुख्य साजिशकर्ता की पत्नी और भाई को अदालत से कोई राहत नहीं मिली, वह दूसरी तरफ हाईकोर्ट ने शिक्षक अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत प्रदान की है।

​रांची स्थित अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने चर्चित जेएसएससी-सीजीएल भर्ती फर्जीवाड़ा मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी अभय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और उसके भाई अक्षय तिवारी की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
​अदालत ने दोनों पक्षों की लंबी बहस और प्रस्तुत की गई दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अधिवक्ता अमितेश कुमार और अधिवक्ता सचिन कुमार ने पैरवी की। हालांकि, सीआईडी द्वारा पेश की गई केस डायरी और ठोस सबूतों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को रिहाई देने से साफ इनकार कर दिया।

​सीआईडी की जांच और गिरफ्तारियों की पूरी कहानी

​इस पूरे मामले की कड़ियां अगस्त महीने से जुड़ती हैं, जब सीआईडी की टीम ने गहन छानबीन के बाद 18 अगस्त को सुषमा कुमारी और अक्षय तिवारी को गिरफ्तार किया था। दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा चुकी है, जिसके बाद उन्होंने 28 अगस्त को अदालत में जमानत के लिए आवेदन दिया था।

​मामले का मुख्य आरोपी अभय तिवारी गोड्डा जिले में खाद आपूर्ति विभाग में कार्यरत था। इसके साथ ही, वह झारखंड में जेपीएससी जैसी परीक्षाएं कराने वाली अधिकृत एजेंसी ‘टीडब्ल्यूपीएल’  में बतौर मार्केटिंग मैनेजर काम कर रहा था। इस पद का फायदा उठाकर उसने जेपीएससी और जेएसएससी की कई परीक्षाएं खुद तो पास की ही, साथ ही अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करके अपनी पत्नी, भाई और रिश्तेदारों के लिए भी फर्जीवाड़े के जरिए नौकरियों में सेटिंग कराई।

​शिक्षक अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट से राहत, 43 सीटें रहेंगी सुरक्षित

​एक अन्य बड़े घटनाक्रम में, झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित सहायक आचार्य नियुक्ति (विज्ञापन संख्या 13/2023) से जुड़ी याचिका पर सुनवाई की। आदित्य कुमार एवं अन्य अभ्यर्थियों द्वारा दायर इस याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने बड़ा आदेश जारी किया है।

 शिक्षक अभ्यर्थियों की 43 सीटें सुरक्षित

​न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिकाकर्ताओं के हित में 43 सीटें सुरक्षित रखने का कड़ा निर्देश दिया है। अदालत के इस अंतरिम आदेश से उन अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है जो प्रक्रियात्मक खामियों या विवादों के कारण नियुक्ति से वंचित महसूस कर रहे थे। हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली और अंतिम सुनवाई के लिए 30 अक्टूबर की तारीख मुकर्रर की है, जिस दिन इस पूरे विवाद पर अंतिम फैसला आने की उम्मीद है।

Read Also:

 

Meta Description

 

Related Articles

Leave a Comment