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​Ranchi Crime: डायरी के पन्नों में कैद हुआ धोखे का सच, अरगोड़ा पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, छानबीन शुरू

by Kanchan Kumar
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रांची :राजधानी के अरगोड़ा इलाके से भरोसे के कत्ल और लाखों रुपये की ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला को अपनी दरियादिली और अपनों पर अंधा विश्वास करना भारी पड़ गया। पारिवारिक मजबूरी का हवाला देकर एक दंपती ने थोड़ा-थोड़ा करके कुल 37 लाख रुपये ऐंठ लिए और जब वापस लौटाने की बारी आई तो साफ मुकर गए।

​क्या है पूरा मामला

​पीड़िता काजल सिंह की शिकायत के मुताबिक, आरती देवी और उनके पति प्रमोद पांडे ने अपनी घरेलू परेशानियों और जरूरतों का वास्ता देकर उनसे वित्तीय मदद मांगी थी। दंपती ने भरोसा दिलाया था कि तय समय सीमा के भीतर वे पाई-पाई चुका देंगे। काजल सिंह उनके झांसे में आ गईं और उन्होंने वक्त-वक्त पर आरोपी पति-पत्नी को मोटी रकम नकद के रूप में सौंप दी।

​यह सिलसिला 18 अगस्त 2025 से शुरू होकर 5 जुलाई 2026 तक लगातार चलता रहा। जब तय समय बीत जाने पर काजल सिंह ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों का रवैया पूरी तरह बदल गया। पहले तो वे टालमटोल और बहानेबाजी करते रहे, लेकिन बाद में उन्होंने सीधे तौर पर रकम लौटाने से ही साफ मना कर दिया।

​डायरी के पन्ने और कॉल डिटेल खोलेंगे राज

​काजल सिंह के पास इस पूरे लेनदेन का पुख्ता हिसाब-किताब मौजूद है। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि हर नकद लेनदेन का ब्योरा उन्होंने अपनी डायरी में दर्ज करके रखा है।
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डायरी में दर्ज मुख्य राशि 34.60 लाख रुपये
​अन्य छोटे-बड़े नकद खर्च मिलाकर कुल रकम: लगभग 37 लाख रुपये होते हैं। ​पीड़िता ने अपनी शिकायत के साथ डायरी के पन्नों की फोटोकॉपी और दोनों आरोपियों से हुई टेलीफोनिक बातचीत की कॉल डिटेल के साक्ष्य पुलिस को सौंप दिए हैं। उनका आरोप है कि यह पूरी साजिश उनके विश्वास का फायदा उठाकर रकम हड़पने के इरादे से रची गई थी।
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पुलिस की कार्रवाई

​काजल सिंह की लिखित शिकायत के आधार पर अरगोड़ा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी आरती देवी और उनके पति प्रमोद पांडे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(4) और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी पूरी जांच सब-इंस्पेक्टर आनंद कुमार साह को सौंपी गई है, जो सभी सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गए हैं।

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