
चाईबासा : आदिवासी कुड़मी समाज को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मांग को लेकर 11 साल पहले किए गए सड़क जाम के मामले में कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। न्यायालय ने बंदगांव प्रखंड के 38 लोगों को बरी कर दिया है। बता दें कि करीब 11 वर्ष पूर्व एसटी दर्जे की मांग को लेकर कुड़मी समाज द्वारा सड़क जाम किया गया था। इस मामले में बंदगांव प्रखंड के 38 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था और तब से कोर्ट में मुकदमा चल रहा था। अब न्यायालय ने सभी को निर्दोष करार देते हुए बरी कर दिया है।कोर्ट के फैसले के बाद कुड़मी समाज के लोगों ने राहत की सांस ली है। लोगों ने न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया। लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई खत्म होने पर समाज में खुशी का माहौल है।
फैसले के बाद कुड़मी समाज के लोगों ने पटाखे फोड़कर और एक-दूसरे को लड्डू खिलाकर खुशी मनाई। लोगों ने इसे समाज के लिए बड़ी राहत बताया।इस अवसर पर नरेंद्र महतो, जितेंद्र महतो, तुलसी महतो, अंगद महतो, कुंभकर्ण महतो, छोटेलाल महतो, रतनलाल महतो, नटवर लाल महतो, नीलकंठ कटियार, शांतनु महतो, त्रिनाथ महतो, प्रदीप महतो सहित कुड़मी समाज के 38 लोग मौजूद रहे।

