
रांची: झारखंड में आगामी 1 नवंबर को होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा को पूरी तरह साफ-सुथरे और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए झारखंड अधिविद्य परिषद ने कमर कस ली है। परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक की बढ़ती आशंकाओं के बीच जैक ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार प्रश्न पत्रों की सुरक्षा में जरा सी भी चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसी सिलसिले में शनिवार को जैक सभागार में एक अहम कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें राज्य के जिला शिक्षा अधिकारियों और अपर समाहर्ताओं को खास दिशा-निर्देश दिए गए।
विश्वसनीयता पर जोर-अध्यक्ष ने दी सख्त हिदायत
कार्यशाला को संबोधित करते हुए जैक अध्यक्ष डॉ. नटवा हांसदा ने अधिकारियों से कहा कि वर्तमान समय में सरकारी परीक्षाओं की साख और पारदर्शिता को लेकर जनता की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। ऐसे में परीक्षा एजेंसी और जिला प्रशासन की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने हिदायत दी कि प्रश्न पत्रों को सुरक्षित रखने, उन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाने और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के जितने भी तय नियम हैं, उनका पूरी कड़ाई से पालन किया जाए।
हर छोटे-बड़े कदम की बनेगी पूरी फाइल
परीक्षा की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जैक ने इस बार हर स्तर पर लिखा-पढ़ी और रिकॉर्ड रखने को अनिवार्य किया है। ट्रेजरी में पेपर जमा कराने से लेकर परीक्षा हॉल में सील टूटने और वापस ओएमआर शीट जमा होने तक का पूरा हिसाब-किताब दर्ज होगा। सभी परीक्षा केंद्रों की पहले से भौतिक जांच की जाएगी ताकि वहां किसी तरह की अव्यवस्था न रहे।
बेहतर तालमेल से टलेगी कोई भी गड़बड़ी
जैक के सचिव एसडी तिग्गा ने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन, परीक्षा केंद्र प्रभारियों और वीक्षकों के बीच मजबूत तालमेल होना बेहद जरूरी है। यदि किसी भी केंद्र पर कोई संदिग्ध स्थिति या तकनीकी समस्या आती है, तो उसकी तुरंत सूचना जैक के शीर्ष अधिकारियों को देनी होगी, ताकि समय रहते कदम उठाया जा सके।
जैक की इस सख्त रणनीति से साफ है कि 1 नवंबर की परीक्षा को निष्पक्ष और विवाद-मुक्त बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है।
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