
Ranchi : झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सोमवार को लोकभवन में स्कूली बच्चों के साथ आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों को साझा करते हुए बच्चों को मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। राज्यपाल की संघर्ष भरी कहानी सुनकर बच्चे भी भावुक और प्रेरित नजर आए।
इस कार्यक्रम में गंगा प्रसाद बुधिया सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, मोरहाबादी के छात्र और शिव नारायण मारवाड़ी कन्या मध्य विद्यालय, रांची की छात्राएं शामिल हुईं। बच्चों से बातचीत के दौरान राज्यपाल ने कहा कि जिंदगी में कामयाबी हासिल करने के लिए हालात से घबराने के बजाय उनका मजबूती से सामना करना चाहिए।
एक साल की उम्र में उठ गया था पिता का साया
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए बताया कि जब वह महज एक साल के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद उनकी मां ने तमाम दिक्कतों और संघर्षों के बीच उनका पालन-पोषण किया और शिक्षा दिलाई।
उन्होंने कहा कि उनका शुरुआती जीवन सामान्य परिस्थितियों में बीता, लेकिन मां के संघर्ष, मेहनत और संस्कारों ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी। राज्यपाल ने बच्चों से कहा कि वे खुद को सौभाग्यशाली समझें कि उन्हें अच्छे स्कूल में पढ़ने और अपने भविष्य को संवारने का मौका मिल रहा है। उन्होंने जोर दिया कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए मजबूत इच्छाशक्ति और लगातार मेहनत जरूरी है। यदि व्यक्ति के भीतर कुछ कर गुजरने का इरादा हो तो कठिन परिस्थितियां भी उसकी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकतीं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संघर्ष का भी दिया उदाहरण
बच्चों में आत्मविश्वास जगाने के लिए राज्यपाल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के जीवन की भी मिसाल दी। उन्होंने कहा कि सामान्य परिवार से निकलकर अपनी मेहनत, प्रतिभा और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचना बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने बच्चों को संदेश दिया कि अपने सपनों को कभी छोटा न समझें। लक्ष्य निर्धारित कर पूरे आत्मविश्वास के साथ उसे हासिल करने की दिशा में लगातार प्रयास करते रहें।
जिज्ञासा और सवाल पूछने की आदत को बताया जरूरी
राज्यपाल ने बच्चों को अच्छे विद्यार्थी के साथ जिम्मेदार नागरिक बनने की भी सीख दी। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के दौरान किसी विषय को लेकर मन में सवाल या संशय हो तो शिक्षकों और सहपाठियों से चर्चा करने में संकोच नहीं करना चाहिए। सवाल पूछने और नई चीजें सीखने की इच्छा से ही ज्ञान बढ़ता है। कार्यक्रम के समापन पर राज्यपाल ने बच्चों को लोकभवन के ऐतिहासिक उद्यान का भ्रमण कराया। इस दौरान उन्होंने वहां लगे कल्पतरु, रुद्राक्ष और सिंदूर सहित विभिन्न विशिष्ट पौधों की जानकारी दी। बच्चों ने भी उद्यान का भ्रमण कर कई नई जानकारियां हासिल कीं।
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