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सरकारी विश्वविद्यालयों से जुड़े दो बड़े अपडेट्स : हर महीने झारखंड राजभवन को देना होगा खर्च का ब्योरा, बताना होगा- क्यों नहीं हुई शिक्षकों की प्रोन्नति

by Rakesh Pandey
हर महीने झारखंड राजभवन को देना होगा खर्च का ब्योरा, महीने की 5 तारीख को खर्च का विवरण झारखंड राजभवन को भेजें, झारखंड राजभवन ने विश्वविद्यालयों को उपलब्ध कराया फॉर्मेट, लगातार वित्तीय अनियमितता की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं, झारखंड राजभवन में शिक्षकों की प्रोन्नति को लेकर मांगा ब्योरा
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स्टेट डेस्क,रांची : सरकारी विश्वविद्यालयों से जुड़े दो बड़े अपडेट्स हैं। झारखंड राजभवन ने राज्य विश्वविद्यालयों को पत्र भेजकर दो अहम जानकारियां मांगी हैं। अलग-अलग भेजे गए पत्र में एक तरफ जहां विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वह हर महीने की 5 तारीख को खर्च का विवरण झारखंड राजभवन को भेजें।

वहीं दूसरी तरफ दूसरे पत्र में झारखंड राज्य विश्वविद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के अब तक प्रोन्नति नहीं मिलने के बारे में जानकारी मांगी गई है। संबंधित पत्र विश्वविद्यालयों के कुलसचिव के नाम भेजे गए हैं।

झारखंड राजभवन ने विश्वविद्यालयों को उपलब्ध कराया फॉर्मेट

झारखंड राजभवन की ओर से सभी राज्य विश्वविद्यालयों को भेजे गए पत्र के साथ एक फॉर्मेट भी उपलब्ध कराया गया है। इसमें अलग-अलग मद का वर्गीकरण करते हुए खर्च का पूरा विवरण देने के लिए कहा गया है। विश्वविद्यालयों के लिए जारी निर्देश में यह भी साफ कर दिया गया है कि हर महीने की 5 तारीख तक हर हाल में संबंधित विवरण झारखंड राजभवन को भेज दिए जाएं।

झारखंड राजभवन को क्यों लेना पड़ा यह फैसला

यह पहली बार है जब झारखंड राजभवन की ओर से राज्य विश्वविद्यालयों को इस तरह के निर्देश जारी किए गए हैं। दरअसल झारखंड राजभवन को अलग-अलग विश्वविद्यालयों से लगातार वित्तीय अनियमितता की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इसकी प्रारंभिक जांच में कई जगह आरोपों की पुष्टि हुई। इसका संज्ञान लेते हुए वित्तीय विवरण नियमित रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

झारखंड राजभवन में शिक्षकों की प्रोन्नति को लेकर मांगा ब्योरा

झारखंड राजभवन ने सभी राज्य विश्वविद्यालयों को पत्र लिखकर 5 अगस्त तक शिक्षकों की प्रोन्नति से जुड़ा ब्योरा मांगा है। इसमें पूछा गया है कि आखिर किन कारणों से असिस्टेंट प्रोफेसर को एसोसिएट प्रोफेसर तथा एसोसिएट प्रोफेसर को प्रोफेसर के ग्रेड में प्रोन्नति नहीं मिल पा रही हैं। संबंधित विश्वविद्यालयों के कुलसचिव को शिक्षकों की सूची के साथ कारण स्पष्ट करने के लिए कहा गया है।

झारखंड राजभवन ने क्यों मांगी यह जानकारी

दरअसल झारखंड राज्य विश्वविद्यालयों में सेवा देने वाले शिक्षकों के प्रोन्नति को लेकर वर्षों से उदासीन रवैया अपनाया जाता रहा है। शिक्षकों को प्रोन्नति नहीं मिल पाने से एक तरफ जहां उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है, वहीं दूसरी तरफ वह कई आवेदन तक नहीं भर पाते। शिक्षकों की प्रोन्नति नहीं होने के कारण कुलपति, प्रतिकुलपति जैसे अहम पदों पर दूसरे राज्यों के शिक्षाविदों का चयन करना पड़ता है।

प्रोन्नति समय पर नहीं मिलने के कारण झारखंड के विश्वविद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षक अनुभव होने के बावजूद आवेदन करने तक से वंचित रह जाते हैं। अधिकांश बार इसका लाभ निजी विश्वविद्यालयों से प्रोन्नति प्राप्त कर आने वाले शिक्षक उठा लेते हैं। वहीं सरकारी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पढ़ाने वाले शिक्षक रेस में बहुत पीछे छूट जाते हैं।

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