दुमका : दुमका समेत संताल परगना के खिलाड़ियों खासकर एथलेटिक्स के प्रतिस्पर्धियों के लिए विजयपुर स्थित राज्य स्तरीय तीरंदाजी एकेडमी परिसर में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस सेंथेटिक ट्रैक बनेगा। फिलहाल भेजे गए प्रस्ताव के तहत यहां 400 मीटर का सात लेन ट्रैक का डीपीआर तैयार होगा। डीपीआर तैयार करने के लिए सरकार के स्तर से कंसल्टेंसी बहाल कर दिया गया है।
बहाल की गई कंसल्टेंसी की टीम शीघ्र ही दुमका आकर तीरंदाजी एकेडमी मैदान का मुआयना करेगी। झारखंड की राजधानी रांची के खेलगांव और जमशेदपुर के टाटा स्पोटर्स कंप्लैक्स के बाद दुमका में धावकों के लिए इस तरह का अत्याधुनिक ट्रैक निर्माण कराने की प्रक्रिया शुरु होगी।
इससे दुमका समेत संताल परगना और इसके आसपास के जिलों के एथलेटिक्स खिलाड़ियों व धावकों को बेहतर सुविधा मिल सकेगा। फिलहाल विजयपुर स्थित तीरंदाजी एकेडमी परिसर में राज्य स्तर पर दो तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र संचालित है।
इसमें राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित प्रशिक्षु तीरंदाजों को प्रशिक्षकों के द्वारा प्रशिक्षित किया जा रहा है। यहां एक एक्सेलेंस सेंटर संचालित है जिसमें सिर्फ पदक हासिल करने वाले तीरंदाज ही प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं जबकि आवासीय प्रशिक्षण सेंटर में नवोदित प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जाता है।
तकनीकी तौर पर आठ या छह लेन का होना चाहिए ट्रैक
तय मानकों के मुताबिक एथलेटिक्स धावकों के लिए छह या आठ लेन का 400 ट्रैक होना चाहिए। छह लेन के ट्रैक पर धावक सिर्फ अभ्यास कर सकते हैं जबकि आठ लेन के ट्रैक पर राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली कोई भी दौड़ प्रतिस्पर्धा आयोजित करना संभव है। दुमका में आठ लेन के ट्रैक बनवाने को लेकर यहां के एथलेटिक्स संघ बीते कई वर्षाें से प्रस्तावित है। संघ का मानना है कि अगर सरकार की राशि खर्च होती है तो इसका पूरा उपयोग होना चाहिए। खासकर संताल परगना में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। यहां कमी सिर्फ आधारभूत संरचना, मैदान और प्रशिक्षकों की है जिस पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। संघ के मुताबिक यहां आठ लेन का अत्याधुनिक ट्रैक बनने पर राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली प्रतिस्पर्धाओं को आयोजित करने का भी अवसर मिलेगा जिससे यहां के खिलाड़ियों को एक्सपोजर मिल सकेगा। वहीं दुमका जिला के खेलकूद पदाधिकारी तूफान पोद्दार का कहना है कि यहां सात लेन ट्रैक बनाने का प्रस्ताव जरूर भेजा गया है लेकिन स्थल पर यह देखा जाएगा कि अगर जगह है तो यहां आठ लेन का ही ट्रैक बने या फिर जगह की कमी होने पर छह लेन ट्रैक का ही निर्माण हो ताकि धावकों को इसका पूरा लाभ मिल सके।
क्या कहते हैं अधिकारी
एथलेटिक्स के तय मापदंडों को ध्यान में रखकर ही अत्याधुनिक ट्रैक का निर्माण होना चाहिए। दुमका में आठ लेन का ट्रैक का निर्माण होने से संताल परगना के खिलाड़ियों को बेहतर माहौल मिल सकेगा और राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली प्रतिस्पर्धाओं के आयोजन का भी मार्ग प्रशस्त होगा। सरकार को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
मधुकांत पाठक, अध्यक्ष, झारखंड एथलेटिक्स संघ
दुमका में अत्याधुनिक सेंथेटिक ट्रैक का निर्माण कराने की पहल सुखद खबर है। सरकार को चाहिए कि भविष्य की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही ट्रैक का निर्माण कराए।साथ ही इस परिसर में हाकी का मैदान भी बनाया जाना चाहिए ताकि पूर्वोत्तर भारत का खेलो इंडिया का केंद्र बनने का दावा उपराजधानी दुमका पेश कर सके।
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ई.केएन सिंह, पूर्व उपाध्यक्ष सह तकनीकी पदाधिकारी, झारखंड एथलेटिक्स संघ
दुमका जिला से सरकार को यह प्रस्ताव भेजा गया था कि विजयपुर में सात लेन का अत्याधुनिक ट्रैक का निर्माण कराया जा सकता है। इसके लिए सरकार ने कंसल्टेंसी बहाल कर दिया है जो यहां आकर इसका डीपीआर बनाएगी। अगर जगह कम हुआ तो यह छह या जगह पर्याप्त रहा तो आठ लेन का ट्रैक भी बन सकता है।
तूफान पोद्दार, जिला खेलकूद पदाधिकारी, दुमका

