Ranchi: आजसू पार्टी ने झारखंड की उच्च शिक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार और लोकभवन प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नेताओं का कहना है कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण राज्य के विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता खतरे में पड़ गई है और नामांकन प्रक्रिया में देरी से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
आजसू के केंद्रीय सदस्य हरीश कुमार ने कहा कि इंटरमीडिएट और सीबीएसई के परिणाम जारी हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन राज्य के अधिकांश सरकारी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में अब तक स्नातक नामांकन प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। इससे विद्यार्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने मांग की कि राज्य के सभी कॉलेजों में एक साथ नामांकन प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि सीटें खाली न रहें और छात्रों का शैक्षणिक सत्र समय पर शुरू हो सके।
पार्टी ने उच्च शिक्षा सचिव राहुल कुमार पुरवार को तत्काल हटाने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्ति, शिक्षकों के प्रमोशन, वित्तीय स्वीकृति और शैक्षणिक निर्णयों में लगातार देरी हो रही है। आजसू ने रिस्ट्रक्चरिंग और क्लस्टरिंग सिस्टम लागू करने के प्रस्ताव का भी विरोध किया और इसे शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों, कर्मचारियों और झारखंड की भाषाई-सांस्कृतिक पहचान के लिए नुकसानदायक बताया। आजसू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल से इन प्रस्तावों को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया, तो पूरे झारखंड में जोरदार आंदोलन किया जाएगा।

