रांची: भगवान बिरसा मुंडा के सार्धशती वर्ष के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद झारखंड द्वारा एक विशेष पहल के तहत उनकी जन्मस्थली उलिहातू की पवित्र मिट्टी एकत्रित की गई है। यह मिट्टी आगामी 29 से 31 मई को रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की बैठक में देशभर के कार्यकर्ताओं को भेंट की जाएगी, जिससे बिरसा मुंडा की वीरगाथा देश के कोने-कोने तक पहुंच सके। इस आयोजन में अखिल भारतीय जनजातीय छात्र कार्य प्रमुख प्रमोद राऊत मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उनके साहस और संघर्ष की स्मृति स्वरूप यह मिट्टी भारत के हर प्रांत में पहुंचेगी और युवाओं को अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा देगी।
बिरसा मुंडा से सीखने की जरूरत
प्रमोद राऊत ने बताया कि बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के अत्याचार के खिलाफ परंपरागत तीर-धनुष से सशस्त्र लड़ाई लड़ी और धर्मांतरण के विरुद्ध अपने समाज को सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य किया। उनके जीवन से युवा आत्मबल, संघर्ष और आत्मगौरव की सीख ले सकते हैं।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर बिरसा मुंडा के परिजन, झारखंड प्रांत के संगठन मंत्री नीलेश कटारे, खेलो भारत के राष्ट्रीय संयोजक आशुतोष प्रताप, शुभम पुरोहित, गुड्डू राय, प्रकाश टूटी, पवन जी, रोशन ठाकुर, अशोक टूटी समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

