चक्रधरपुर : झारखंड सहित पश्चिमी सिंहभूम जिला से मानव तस्करी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, हर हफ्ते जिले से सैकड़ों नाबालिग महिला-पुरुष मानव तस्करों के चक्कर में आकर पलायन कर रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण है, गुरुवार की रात चक्रधरपुर स्टेशन में देखने को मिला। जहां नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर चलाए गए एक संयुक्त अभियान में 6 बच्चियों को तस्करी की आशंका से सुरक्षित बचा लिया गया। रांची की एक सामाजिक संस्था के सहयोग से विभिन्न विभागों की टीम ने समय रहते कार्रवाई कर बड़ी अनहोनी टाल दी।
जानकारी के अनुसार, रेस्क्यू की गई सभी बच्चियों की उम्र लगभग 14 से 16 वर्ष के बीच है। अधिकारियों ने बताया कि इन बच्चियों को बहला-फुसलाकर और पैसे के सपने दिखाकर दूसरे राज्यों की ओर ले जाया जा रहा था। गुप्त सूचना और सतर्कता के चलते संयुक्त टीम ने इन्हें रास्ते में ही रोक लिया। इस रेस्क्यू अभियान में चक्रधरपुर के थाना प्रभारी अवधेश कुमार के नेतृत्व में रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी, रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन, श्रम विभाग, चक्रधरपुर महिला थाना और जिला विधिक सेवा प्राधिकार, चाईबासा की अहम भूमिका रही।
रांची स्थित एक सामाजिक संस्था ने भी टीम को सहयोग किया। थाना प्रभारी अवधेश कुमार ने बताया कि त्वरित कार्रवाई और आपसी समन्वय के कारण एक गंभीर स्थिति को टाल दिया गया। फिलहाल सभी बच्चियों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। बाल कल्याण समिति के निर्देश पर कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
इसके साथ ही बच्चियों की काउंसलिंग भी कराई जा रही है, ताकि ये नाबालिग बच्ची पढ़ाई-लिखाई कर बेहतर जिंदगी जी सकें। अधिकारियों का कहना है कि नाबालिगों की सुरक्षा के लिए जिले में लगातार निगरानी और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि बच्चों से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या संबंधित विभाग को दें। समय पर सूचना मिलने से कई मासूमों को तस्करी और शोषण से बचाया जा सकता है।
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