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MNREGA Strike Jharkhand : मनरेगा हड़ताल पर सख्ती : हड़ताली कर्मी कड़ी निगरानी सूची में, पोर्टल पर अलग मार्किंग

by Nikhil Kumar
MNREGA Strike Jharkhand
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रांची : झारखंड में 12 मार्च से जारी मनरेगा कर्मियों की हड़ताल को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए अब हड़ताली कर्मियों की पहचान तेज कर दी है। विभिन्न जिलों से मिली रिपोर्ट के आधार पर हड़ताल में शामिल कर्मियों को कड़ी निगरानी सूची में रखा जा रहा है और अपने विभागीय पोर्टल पर उन्हें अलग मार्किंग के साथ दर्ज करा रहा है। ग्रामीण विकास विभाग के सूत्रों के अनुसार, जो मनरेगा कर्मी हड़ताल पर हैं, उन्हें अलग सूची में डालकर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। वहीं, जो कर्मी काम पर लौट आए हैं या लगातार काम कर रहे हैं, उन्हें इस सूची से बाहर रखा गया है, ताकि कार्यरत और हड़ताली कर्मियों के बीच स्पष्ट अंतर किया जा सके।

राज्य के कई जिलों- चतरा, देवघर, धनबाद, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, गढ़वा, गोड्डा, गुमला, हजारीबाग, जामताड़ा, कोडरमा, लातेहार, लोहरदगा, रामगढ़, रांची, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा से मिली जानकारी में सामने आया है कि अलग-अलग स्तर पर कर्मियों की स्थिति अपडेट की जा रही है। कई जिलों में अब भी बड़ी संख्या में कर्मी हड़ताल पर हैं, जबकि कुछ जगहों पर आंशिक रूप से काम शुरू हो चुका है।


आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में करीब 5 हजार मनरेगा कर्मी कार्यरत हैं, जिनमें से 2,500 से अधिक ग्राम रोजगार सेवक हड़ताल पर हैं। इसके अलावा, कंप्यूटर सहायक और लेखा सहायक भी कई जिलों में हड़ताल में शामिल हैं, जिससे ऑनलाइन एंट्री, मस्टर रोल और भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।


हालांकि, कनीय अभियंता और सहायक अभियंता का समर्थन सीमित दिख रहा है। सिर्फ चार जिलों में ही अभियंता स्तर के कर्मी हड़ताल में शामिल हैं, जबकि बाकी जिलों में इंजीनियर काम कर रहे हैं, जिससे तकनीकी कार्य पूरी तरह ठप नहीं हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, कई जिलों में 100 से 200 तक कर्मियों की स्थिति को लेकर डेटा अपडेट किया गया है। “नॉर्मल” और “पार्शियली एक्टिव” जैसी श्रेणियों में भी एंट्री की जा रही है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कुछ कर्मी आंशिक रूप से काम कर रहे हैं या हड़ताल से दूरी बना रहे हैं।


सरकारी सूत्रों का कहना है कि यह कवायद मनरेगा योजनाओं को पटरी पर बनाए रखने और सक्रिय कर्मियों को प्राथमिकता देने के लिए की जा रही है। वहीं, हड़ताल में शामिल कर्मियों पर आगे प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है।


इधर, मनरेगा कर्मियों के संगठन इसे दबाव की रणनीति बताते हुए विरोध जता रहे हैं। उनका कहना है कि सेवा नियमितीकरण समेत अन्य मांगों को लेकर हड़ताल जारी रहेगी। हड़ताल के कारण कई जिलों में मनरेगा का कामकाज प्रभावित हुआ है और योजनाओं की गति धीमी पड़ गई है।

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