
पटना: साल 2024 में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता चिराग पासवान की लोकप्रियता ने गूगल पर एक नई पहचान बनाई। यह दोनों नेता न सिर्फ अपने राज्य में बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का केंद्र बने रहे। खासकर गूगल पर इन दोनों के बारे में सबसे अधिक सर्च किया गया, जिससे यह साबित होता है कि इनकी राष्ट्रीय राजनीति में स्थिति और प्रभाव बढ़ चुका है। नीतीश कुमार इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर रहे, जबकि चिराग पासवान ने तीसरे स्थान पर अपनी जगह बनाई।
नीतीश कुमार का राजनीतिक प्रभाव
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की लोकप्रियता में 2024 में जबरदस्त इजाफा हुआ। उनकी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने लोकसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें 12 सांसद चुनाव जीतकर आए। इस सफलता ने नीतीश कुमार की राजनीतिक स्थिति को और मजबूत किया। इसके साथ ही, जेडीयू के समर्थन से केंद्र की सरकार भी चल रही है, जिससे नीतीश कुमार की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई। उनकी बढ़ती लोकप्रियता का असर गूगल सर्च पर भी नजर आया, जहां वे सबसे अधिक सर्च किए जाने वाले नेताओं में दूसरे स्थान पर रहे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार का यह स्थान उनकी बढ़ती ताकत और राष्ट्रीय राजनीति में उनके प्रभाव को दर्शाता है। जेडीयू के 12 सांसद होने के कारण नीतीश कुमार के विचारों और निर्णयों को राष्ट्रीय स्तर पर भी अधिक महत्व दिया जाता है। यही कारण है कि गूगल पर उनकी सर्चिंग में बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही नीतीश कुमार के राष्ट्रीय राजनीति में मजबूत कदम रखने से उनकी सर्चिंग के आंकड़े भी ऊंचे गए हैं।
चिराग पासवान का उभरता हुआ राजनीतिक चेहरा
वहीं, बिहार के युवा नेता चिराग पासवान ने भी 2024 में अपनी पहचान बनाई। चिराग पासवान ने लोकसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया, जहां उनकी पार्टी के सभी पांच उम्मीदवारों ने जीत हासिल की। इस जीत ने चिराग पासवान को राष्ट्रीय राजनीति में मजबूत नेता के रूप में उभारा। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थक के तौर पर खुद को पेश करते हैं और “मोदी के हनुमान” के रूप में चर्चित हैं। चिराग पासवान ने गूगल पर तीसरे स्थान पर जगह बनाई, यह उनकी बढ़ती लोकप्रियता का संकेत है।
चिराग पासवान के युवा समर्थकों की संख्या भी बढ़ी है, खासकर बिहार के युवाओं के बीच उनका अच्छा प्रभाव है। चिराग पासवान की पार्टी “लोक जनशक्ति पार्टी” (LJP) का भविष्य उज्जवल नजर आता है और उनके राजनीतिक कदमों से यह साफ है कि वे आने वाले दिनों में और भी बड़े नेता के तौर पर उभर सकते हैं। चिराग पासवान का गूगल पर तीसरे स्थान पर आना इस बात को साबित करता है कि उनका प्रभाव राष्ट्रीय राजनीति में तेजी से बढ़ रहा है और लोग उन्हें इंटरनेट पर सर्च कर रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का दृष्टिकोण
राजनीतिक विश्लेषक डॉक्टर संजय कुमार के अनुसार नीतीश कुमार और चिराग पासवान के गूगल पर सबसे ज्यादा सर्च किए जाने का यह मतलब है कि दोनों नेताओं की राष्ट्रीय राजनीति में दखल मजबूत हुई है। नीतीश कुमार पहले से ज्यादा प्रभावी नेता के तौर पर उभरे हैं, जबकि चिराग पासवान ने युवा राजनीति को अपना आधार बनाया है। डॉक्टर संजय कुमार का मानना है कि बिहार के इन दोनों नेताओं के बीच की राजनीति और उनके राष्ट्रीय प्रभाव ने उन्हें गूगल पर सबसे ज्यादा सर्च किए गए नेताओं में स्थान दिलवाया।
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