
देवघर : पुलिस की वर्दी पहनकर साईबर ठगी के धंधे में लिप्त लोगों के घर पहुंचता, जांच व पूछताछ के नाम पर अंदर प्रवेश कर उन्हें लूटता और धमकी देकर चलता बनता। साइबर अपराधी इसकी शिकायत भी पुलिस से नहीं कर पाते थे। ऐसे ही गिरोह का भंडाफोड़ देवघर पुलिस ने किया है। पुलिस ने उप मुखिया समेत 10 शातिर अपराधियों को दबोच लिया है।
खाकी वर्दी का खौफ दिखाकर लोगों को लूटने वाले एक खतरनाक गैंग का देवघर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। जसीडीह पुलिस ने छापेमारी कर गिरोह के 10 अपराधियों को दबोच लिया। इनमें एक हुसैनाबाद पंचायत का उप-मुखिया भी शामिल है। पुलिस ने सभी अपराधियों को जेल भेज दिया है।
यह गिरोह बेहद ही शातिर अंदाज में वारदातों को अंजाम देता था। अपराधी पुलिस जैसी कैमोफ्लैज वर्दी पहनकर लोगों के घरों के बाहर पहुंचते और खुद को ‘साइबर क्राइम सेल’ का अफसर बताते। दरवाजा खुलते ही ये हथियार के बल पर पूरे परिवार को बंधक बना लेते और घर का सारा कीमती सामान व कैश समेट कर चंपत हो जाते।
दिलचस्प बात यह है कि ये गैंग ज्यादातर उन्हीं लोगों के घरों को निशाना बनाता था, जो सचमुच साइबर ठगी के धंधे में शामिल थे। डर के मारे पीड़ित पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने भी नहीं जाते थे, जिसका फायदा उठाकर यह गैंग बेखौफ होकर वारदातें कर रहा था।
हथियार, वर्दी और बाइक बरामद
पुलिस को अपराधियों के पास से भारी मात्रा में सामान मिला है, जिसमें एक कट्टा, चार जिंदा गोलियां, पिस्टल की मैगजीन, पांच पुलिस स्टाइल टी-शर्ट, पांच पैंट, पांच टोपियां, प्लास्टिक के डंडे और दो बाइकें शामिल हैं। जांच में पता चला है कि इस गैंग ने देवघर के जसीडीह, मधुपुर, सारठ, देवीपुर और सोनारायठाढ़ी समेत दुमका जिले के कई इलाकों में दहशत फैला रखी थी।
अड्डा बनाकर रचते थे साजिश
यह गिरोह जसीडीह इलाके की एक सुनसान अधबनी इमारत में बैठकर लूटपाट की योजना बनाता था। हाल ही में 25 जुलाई को इनके खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद पुलिस अलर्ट मोड़ पर आई। जसीडीह, देवीपुर, मोहनपुर और चितरा थाना प्रभारियों की एक स्पेशल टीम ने जाल बिछाकर पूरी टोली को एक साथ धर दबोचा। पकड़े गए ज्यादातर अपराधियों का पहले से क्राइम रिकार्ड रहा है।

