Dhanbad : पूर्व-मध्य रेलवे में चलने वाली ट्रेनों में शराब तस्करी का हैरतअंगेज मामला सामने आया है। इसने आरपीएफ व जीआरपी को भी हैरान कर दिया है। अब तक लग्जरी कारों और एंबुलेंस के जरिए शराब की तस्करी के मामले सामने आए थे, लेकिन यहां ट्रेन की सुरक्षा में ही सेंध लगा दी गई। दरअसल, धनबाद से पटना तक चलने वाली गंगा-दामोदर एक्सप्रेस ट्रेन के एसी कोच से शराब की तस्करी हो रही थी, लेकिन आरपीएफ व जीआरपी को इसकी भनक तक नहीं लगी। आरपीएफ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर गुरुवार को ट्रेन के एसी कोच से शराब की तस्करी पकड़ी। यहां ट्रेन के टॉयलेट की छत में विशेष रूप से तहखाना बनाया गया था। तलाशी के दौरान इस तहखाने के अंदर रखी गई बियर की तीन बड़ी पेटियां बरामद की गईं।
इस बड़ी बरामदगी के बाद आरपीएफ ने जब विस्तृत जांच शुरू की तो अंतरराज्यीय शराब सिंडिकेट का खुलासा हुआ। आरपीएफ ने बताया कि रेलवे चार्ट यात्रियों के सफर से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड और संबंधित स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि इस अवैध धंधे के तार पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और झारखंड से जुड़े थे। तस्करों का यह गिरोह पश्चिम बंगाल के कुल्टी व सीतारामपुर, उत्तर प्रदेश के बलिया व बनारस तथा झारखंड के धनबाद व हजारीबाग जैसे स्टेशनों से शराब की पेटियां एसी कोच में चढ़ाता था। शराब की आपूर्ति बिहार में होती थी।
यार्ड में पेटियों को उतारे जाने की आशंका
आरपीएफ के अधिकारियों को आशंका है कि शराब की इन पेटियों को स्टेशन में नहीं उतारा जाता होगा। ट्रेन जब यात्रा पूरी करने के बाद रखरखाव और साफ-सफाई के लिए यार्ड में जाती होगी, तब इन पेटियों को निकाला जाता होगा। अधिकारियों ने बताया कि यह गिरोह काफी सुनियोजित तरीके से तस्करी को अंजाम देता था। सीसीटीवी फुटेज खंगालने से पता चलता है कि तस्करों को ट्रेनों के परिचालन और चेकिंग की जानकारी भी पहले मिल जाती थी। फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई, लेकिन धनबाद के आरपीएफ ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। गिरोह के अपराधियों को दबोचने के लिए पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड की सुरक्षा एजेंसियां मिलकर ऑपरेशन को अंजाम देने में जुट गई हैं। आरपीएफ का दावा है कि बहुत जल्द पूरे गिरोह को दबोच लिया जाएगा।

