चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले में डालसा की सक्रियता से एक असहाय वृद्धा को नया जीवन मिल गया। झालसा रांची और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डीएलएसए चाईबासा मोहम्मद शाकिर के निर्देश पर महिला को उसके परिवार से मिलाया गया।
पुलिया के नीचे रह रही थी वृद्धा
नोवामुंडी बाजार में नवनिर्मित रेलवे पुलिया के नीचे कई दिनों से एक वृद्ध और असहाय महिला कठिन स्थिति में अकेले जीवन बिता रही थी। आने-जाने वाले लोग उसे देखते थे लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इस बीच जिला विधिक सेवा प्राधिकार चाईबासा की पीएलवी प्रमिला पात्रो की नजर उस पर पड़ी। उन्होंने महिला से बातचीत की और पाया कि उसे तुरंत स्वास्थ्य लाभ की जरूरत है।
डालसा सचिव को दी सूचना
श्रीमती पात्रो ने तत्काल इसकी सूचना डालसा सचिव रवि चौधरी को दी। पीडीजे मो. शाकिर के निर्देश और मार्गदर्शन में टाटा स्टील फाउंडेशन की मदद से महिला को जगन्नाथपुर स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। इलाज के साथ ही उसके घर का पता लगाने का प्रयास शुरू किया गया।
ओडिशा के बड़बिल की निकली महिला
कई लोगों से संपर्क के बाद पता चला कि महिला ओडिशा के बड़बिल की रहने वाली है। किसी बात से नाराज होकर वह घर से निकल गई थी। बड़बिल में उसकी बेटी और दामाद रहते हैं जो उसकी खोज कर रहे थे। सचिव रवि चौधरी के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन और जेएसएलपीएस की मदद से महिला को परिवार से मिलाने की व्यवस्था की गई।
परिवार में लौटी खुशी
पीएलवी उमर सादिक और प्रमिला पात्रो के प्रयास से महिला को उसके परिवार से मिला दिया गया। बेटी और दामाद अपनी मां को पाकर खुशी से फूले नहीं समा रहे थे। उन्होंने डालसा के प्रति आभार जताया।
डालसा बन रहा सहारा
इस तरह डालसा की सक्रियता से मुश्किल परिस्थिति में जीवन बिता रही महिला को ठिकाना मिला। इस प्रक्रिया ने साबित किया कि डालसा के सामाजिक कार्यों का लाभ समाज के सभी वर्गों को मिल रहा है। डालसा मुश्किल में फंसे लोगों का सहारा बन रहा है।

