चाईबासा : विश्व तंबाकू निषेध दिवस 31 मई के अवसर पर महिला कॉलेज, चाईबासा की बी.एड. राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई ने शनिवार को शॉर्ट टॉक कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य तंबाकू सेवन से होने वाले जानलेवा रोगों और दीर्घकालिक दुष्प्रभावों के प्रति छात्राओं व समाज में जागरूकता फैलाना रहा।
छात्राओं ने रखे विचार, नशे से दूर रहने का दिया संदेश
कार्यक्रम में सेमेस्टर वन की छात्राएं महिमा, ललिता और दिव्या ने “तंबाकू-मुक्त भविष्य: स्वास्थ्य संबंधी हानियां, NEP 2020 और छोड़ने की रणनीतियां” विषय पर अपने विचार रखे। तीनों ने तंबाकू मुक्त जीवनशैली अपनाने के महत्व पर प्रकाश डाला और युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
प्राचार्य ने दी जानकारी
प्रभारी प्राचार्य प्रो. विकास मिश्रा ने उपस्थित छात्राओं को तंबाकू सेवन के स्वास्थ्य जोखिमों और इसके दीर्घकालिक नकारात्मक प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के “तंबाकू और नशा मुक्त स्कूल कॉलेज” अभियान के तहत कॉलेज परिसर को तंबाकू मुक्त क्षेत्र घोषित किया गया है। मुख्य द्वार और परिसर में तंबाकू मुक्त क्षेत्र के बोर्ड लगाए गए हैं और तंबाकू निगरानी अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आगे भी समय-समय पर नशे की जागरूकता के लिए गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
विशेषज्ञों ने किया जागरूक
डॉ. राजीव लोचन नमता ने छात्राओं को तंबाकू से होने वाली बीमारियों के बारे में जागरूक किया और तंबाकू मुक्त जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया। NSS कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. अर्पित सुमन ने कहा कि महिलाएं परिवार की रीढ़ होती हैं। इसलिए उनका जागरूक होना पूरे समाज को तंबाकू मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बेस्ट वॉलिंटियर्स सम्मानित
इस अवसर पर बी.एड. सत्र 2023-25 के सक्रिय और बेस्ट वॉलिंटियर्स को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बबीता कुमारी, शीला समद और प्रीति देवगम सहित सेमेस्टर एक और दो की अनेक छात्राएं उपस्थित रहीं। महिला कॉलेज, चाईबासा की NSS इकाई ने भविष्य में भी इसी प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर समाज को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
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