रांची : व्यवहार न्यायालय, रांची परिसर में शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की ओर से मासिक लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों का आपसी सहमति के आधार पर निस्तारण किया गया। इस दौरान कुल 1180 मामलों का निष्पादन हुआ तथा 98 लाख 10 हजार रुपये की समझौता राशि प्राप्त की गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के सचिव राकेश रौशन ने बताया कि लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए पूर्व से ही व्यापक तैयारी की गई थी। विभिन्न न्यायालयों द्वारा वादकारियों को नोटिस भेजकर लोक अदालत में शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया था, ताकि अधिक से अधिक मामलों का सौहार्दपूर्ण समाधान किया जा सके।
उन्होंने कहा कि लोक अदालत न्याय व्यवस्था का एक प्रभावी माध्यम है, जहां पक्षकार आपसी समझौते से अपने विवादों का त्वरित समाधान प्राप्त कर सकते हैं। इससे लंबी न्यायिक प्रक्रिया, समय और खर्च तीनों में कमी आती है। साथ ही न्यायालयों में लंबित मामलों के बोझ को कम करने में भी मदद मिलती है।
सचिव राकेश रौशन ने बताया कि लोक अदालत में बैंक ऋण वसूली, चेक बाउंस, पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, राजस्व तथा अन्य समझौता योग्य मामलों का निस्तारण किया जाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार नियमित रूप से लोक अदालतों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि आम लोगों को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय मिल सके।
मामलों के निपटारे के लिए उमड़ी भीड़
मासिक लोक अदालत को सफल बनाने के लिए न्यायालय की ओर से काफी पहले से ही वादकारियों को नोटिस भेजे जा रहे थे। इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक लंबित मामलों का त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करना था, ताकि आम लोगों को वर्षों से लंबित मुकदमों से राहत मिल सके। लोक अदालत के दौरान सुबह से ही न्यायालय परिसर में फरियादियों, अधिवक्ताओं तथा संबंधित पक्षकारों की भारी भीड़ देखी गई। विभिन्न मामलों के निपटारे के लिए लोग बड़ी संख्या में उपस्थित हुए और कई मामलों का समझौते के आधार पर निष्पादन किया गया।

