रांची : सदर हॉस्पिटल कैंपस स्थित डॉक्टर्स हॉस्टल को डिप्टी सुप्रिटेंडेंट डॉ बिमलेश सिंह की मौजूदगी में सील कर दिया गया हैं। वहीं अवैध रूप से रह रहे लोगों को बाहर निकाल दिया गया है। इतना ही नहीं पुलिस को लगातार वहां पेट्रोलिंग करने का भी निर्देश दिया गया है। लोअर बाजार के थाना प्रभारी ने जवानों को गश्त तेज करने और असामाजिक तत्वों पर रोक लगाने को कहा है। बता दें कि शुक्रवार को इस जगह पर 2 नाबालिगों के दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। इसके बाद पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
अवैध रूप से रह रहे थे लोग
कैंपस में करोड़ों की लागत से डॉक्टर्स हॉस्टल बनाया गया है। लेकिन आजतक यह बिल्डिंग हैंडओवर नहीं हुई। वहीं बिना चालू हुए ही भवन खंडहर में तब्दील हो रहा है। ऐसे में वहां पर सैंकड़ों लोग अवैध रूप से रह रहे थे। जिसकी खबर न तो हॉस्पिटल प्रबंधन को थी और न ही सिविल सर्जन को। घटना के बाद जब पूछताछ की गई तो ज्यादातर लोग बाहर के थे। जबकि कुछ हॉस्पिटल के स्टाफ भी खाली कमरों में रह रहे थे।
असमाजिक तत्वों ने बनाया था अड्डा
कैंपस में डॉक्टर्स हॉस्टल का निर्माण इसलिए कराया गया था कि हॉस्पिटल में ड्यूटी करने वाले डॉक्टर व स्टाफ कैंपस में रहे। जिससे कि इमरजेंसी में भी मरीजों को तत्काल इलाज व अन्य सुविधाएं मिल सके। लेकिन 18 साल के बाद भी भवन का हैंडओवर नहीं हुआ। खाली पड़े होने के कारण असामाजिक तत्वों ने भी इसे अपना अड्डा बना लिया था। कई बार हॉस्पिटल प्रबंधन ने सख्ती की। इसके बावजूद वहां असमाजिक तत्वों का आना जाना जारी रहा।
इस मामले में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट डॉ बिमलेश सिंह ने कहा कि सभी को वहां से हटा दिया गया है। इस भवन का हैंडओवर नहीं हुआ था। कुछ स्टाफ हॉस्पिटल के रह रहे थे। इसकी जानकारी मिली थी। लेकिन ये घटना चौंकाने वाली है। तत्काल पुलिस की मदद से सभी को बाहर कर तालाबंदी कर दी गई है।

