जमशेदपुर : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में डायरिया के मामले बढ़ने के बाद, जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देश पर गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने प्रभावित गांवों में चिकित्सा शिविर लगाकर मरीजों की जांच की। इन शिविरों में मरीजों को न केवल दवाइयां दी जा रही हैं, बल्कि ग्रामीणों को स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल पीने और खान-पान में सावधानी बरतने के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है।

यह कदम तब उठाया गया, जब बोड़ाम प्रखंड के बेलगोडा और पटमदा प्रखंड के पुरनाडीह गांवों में डायरिया के मरीज सामने आए। चिकित्सा अधिकारी डॉ. साहिर पाल ने बताया कि इस समस्या से निपटने के लिए जिला स्तर पर प्रखंडवार जांच टीमें गठित की गई हैं। सभी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र की स्थिति पर नजर रखने और डायरिया पीड़ितों को तत्काल इलाज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
दूषित पानी से बचने की सलाह, पेयजल स्रोतों की जांच जारी
उपायुक्त ने ग्रामीणों से अपील की है कि अगर उन्हें या उनके परिवार में किसी को भी डायरिया के लक्षण दिखें, तो वे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य टीम को सूचित करें। उन्होंने गुनगुना पानी पीने, लगातार हाथ धोने और खुले में शौच से परहेज करने की सलाह दी है, ताकि इस बीमारी के फैलने से रोका जा सके।
जिला प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों की जांच भी करवा रहा है और आवश्यकता पड़ने पर पानी के क्लोरीनेशन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है।
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