फोटोन न्यूज। Manipur Viral News : देश के नॉर्थ ईस्ट राज्यों का गहना कहे जाने वाले मणिपुर राज्य से एक शर्मसार कर देने वाला वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो ऐसा है जिसे हमारे सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता। वीडियो पिछली तीन मई को मणिपुर हिंसा के दौरान का बताया जा रहा है।
क्या है शर्मसार कर देनेवाला यह वीडियो
इस वीडियो में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर भीड़ द्वारा सड़क पर सारेआम दौड़ाया जा रहा है। दोनों महिलाएं विरोध करती हुई दिख रही हैं जबकि भीड़ जबरदस्ती उनके निजी अंगों को गलत तरीके से छेड़ते हुए दिखाई दे रही है। जानकारी के अनुसार दोनों पीड़ित महिलाएं कुकी और जोमी समुदाय से है। यह समुदाय पहाड़ी क्षेत्र में निवास करता है।
एक पीड़िता से हुई थी गैंगरेप की घटना
दोनों पीड़ित महिलाओं में एक 20 वर्ष की बताई जा रही है जबकि दूसरी 40 वर्ष की। पीड़ित 20 वर्ष की महिला के साथ गैंगरेप भी किया गया था। जानकारी के अनुसार यह घटना 4 मई को बताई जा रही है।
दर्ज है जीरो एफआईआर
मणिपुर के एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस घटना को लेकर थाना में एफआईआर भी दर्ज है। अधिकारी ने बताया कि यह घटना थौबल जिले की है। घटना को लेकर 18 मई को कांग पोकपी जिले में जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी।
खुलेआम घूम रहे दोषी, रिलीफ कैंप में पीड़ित महिला
एफआईआर में हत्या, गैंगरेप, किडनैपिंग का मामला दर्ज हुआ है। हालांकि अभी तक दोषियों को गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। वे खुलेआम घूम रहे हैं। फिलहाल पीड़ित महिला अभी टेंग्नौपाल रिलीफ कैंप रह रही है।
पीड़ित महिला ने सुनाई आपबीती, जानिए, उसने क्या कहा?
इंटरनेट पर वीडियो वायरल होने के बाद पीड़ित महिला का बयान भी सामने आया है। इसमें पीड़िता ने बताया कि 3 मई को मैतई और कुकी नागा के बीच भड़की हिंसा के बाद 4 मई को खतरनाक हथियारों से लैस भीड़ ने उनके गांव पर हमला कर दिया। जबरन घर में घुसकर लोगों की पिटाई की। उसके बाद सभी घरों में आग लगा दी। भीड़ के पास एके-47 राइफल, एसएलआर, इंसास जैसे खतरनाक हथियार थे। यह घटना मैतई बहुलय थौबल इलाके में घटी। भीड़ में लगभग हजार लोग शामिल थे। उसने बताया की सभी डर के मारे जान बचाकर भागने लगे। वो भी गांव के पांच लोगों के साथ जंगल में भागने लगी। उनके साथ तीन और महिलाएं और कुछ रिश्तेदार भी थे। पुलिस ने उन्हें रेस्क्यू भी किया लेकिन बाद में उग्र भीड़ ने पुलिस को भी रोक लिया। पीड़िता ने बताया कि सभी को उग्र भीड़ ने पुलिस सुरक्षा से अपने कब्जे में ले लिया। बीच-बचाव में उसके पिता और भाई को भी मार डाला गया। उसके बाद भीड़ ने सभी महिलाओं के जबरदस्ती कपड़े उतारने के बाद सड़क पर सबके बीच नंगा घुमाया गया।
क्या है विवाद का मुख्य कारण?
पिछली तीन मई को मणिपुर में हिंसा भड़की थी। इंटरनेट पर वायरल शर्मसार कर देनेवाले वीडियो में उग्र भीड़ दो महिलाओं को नग्न कर सड़क पर दौड़ाती हुई नजर आ रही है। इस घटना के पीछे मुख्य कारण 3 मई को भड़की हिंसा बताई जा रही है। क्योंकि यह घटना 4 मई का है। ठीक तीन मई के बाद। हिंसा की शुरूआत 3 मई को चांदपुर जिले से हुई। उस दिन world tribal Union manipur द्वारा आदिवासी एकता मार्च निकाला गया था। यह मार्च 3 मई को मैतई समुदाय के लोगों को अनुसूचित जनजाति दर्जा दिये जाने के विरोध में निकाला गया था। दूसरी ओर गवर्नमेंट लैंड सर्वे के तहत सरकार द्वारा आरक्षित वन क्षेत्र को आदिवासियों से खाली कराने से कुकी और नागा समुदाय के लोग नाराज थे। वे मैतई समुदाय और सरकार का विरोध करने लगे। इस पर दोनों समुदाय के बीच हिंसा का दौर शुरू हो गया।
मैतई और कुकी नागा के बीच क्यों है विवाद?
मणिपुर में मुख्य रूप से तीन समुदाय मैतई, कुकी और नागा रहते हैं। तीनों में सबसे ज्यादा प्रभाव मैतई समुदाय का है। पूरे राज्य में मैतई समुदाय के 53 प्रतिशत, बाकी में अन्य सभी समुदाय के लोग हैं। करीब 40 प्रतिशत आबादी नागा और कुकी जनजाति की है। वर्चस्व को लेकर प्रायः इन समुदायों में लड़ाई होती रहतीहै। कुकी और नागा को आदिवासी का दर्जा देश के आजादी के बाद ही मिल गया था। अपने-अपने अधिकारों को कायम करने के लिए पहले भी कई बार हिंसा हो चुकी है।

