
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की समीक्षा के लिए सभी विभागों से मांगी गई जानकारी, जिलों से भी दो दिन में रिपोर्ट तलब
रांची : राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की राज्य स्तरीय समीक्षा के लिए झारखंड सरकार ने अनुसूचित जनजाति वर्ग से जुड़े कर्मियों का सेवा संवर्गवार ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने इस संबंध में राज्य के सभी विभागों को पत्र भेजकर आयोग की प्रश्नावली के अनुरूप आवश्यक आंकड़े उपलब्ध कराने को कहा है। इसी के आलोक में ग्रामीण विकास विभाग ने अपने अधीन आने वाली योजनाओं और कार्यक्रमों से संबंधित जानकारी जिलों से मांग ली है।
ग्रामीण विकास विभाग के विकसित भारत-जी राम जी कोषांग ने सभी उपायुक्त-सह-जिला कार्यक्रम समन्वयक और उप विकास आयुक्त-सह-अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक को पत्र भेजा है। इसमें निर्धारित प्रपत्र के अनुरूप जानकारी दो दिनों के अंदर उपलब्ध कराने को कहा गया है।
आयोग की प्रश्नावली में राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में अनुसूचित जनजातियों के लिए लागू संवैधानिक संरक्षण, कल्याण और विकास योजनाओं की समीक्षा की जानी है। प्रश्नावली की कंडिका 27 की उप-कंडिका-4 और 10 के लिए सेवा संवर्गवार आंकड़े मांगे गए हैं। इसके तहत विभाग अपने-अपने स्तर पर एसटी वर्ग से जुड़े कर्मियों की संख्या और संबंधित सेवा संवर्ग की जानकारी उपलब्ध कराएंगे।
ग्रामीण विकास विभाग भी अपने अधीन आने वाली योजनाओं और कार्यक्रमों में कार्यरत कर्मियों का निर्धारित प्रारूप में ब्योरा तैयार कर रहा है। जिलों से प्राप्त आंकड़ों को समेकित कर संबंधित विभाग को भेजा जाएगा। इसके आधार पर राज्य की समेकित रिपोर्ट तैयार होगी, जिसे राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की समीक्षा के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
करीब 5 हजार कर्मियों में कितने एसटी, मिलेगा आंकड़ा
विकसित भारत-जी राम जी के तहत झारखंड में कंप्यूटर ऑपरेटर, बीपीओ समेत विभिन्न स्तर पर करीब 5 हजार कर्मी कार्यरत हैं। अब इनमें अनुसूचित जनजाति वर्ग के कितने कर्मी हैं, इसकी जानकारी भी जुटाई जाएगी। इसके साथ ही उनका सेवा संवर्गवार ब्योरा लिया जाएगा। इससे योजना के स्तर पर एसटी कर्मियों की भागीदारी का वास्तविक आंकड़ा सामने आएगा।

